Maharana Pratap Untold Story: Rajput Revolution History

“धरम रहसी-रहसी धरा, खप जासी खुरसाण। . अमर विसम्बर ऊपरे, राख नहच्चो राण।।” इस दोहे का अर्थ है- ‘धर्म और धरती हमेशा बने रहेंगे, लेकिन ये विदेशी आक्रमणकारी (खुरसाण) एक दिन समाप्त हो जाएंगे।’ ये दोहा मुगल सेनापति रहीम खान-ए-खाना (मिर्जा खां) ने मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के लिए लिखा था। कारण था- हल्दीघाटी…

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अंबेडकरनगर में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई:हजारों लोग हुए शामिल, उनके शौर्य की कहानी को किया याद

अंबेडकरनगर में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। जिला पंचायत परिषद परिसर में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर जिले भर से हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया।…

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