रिटायरमेंट पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला:कोर्ट ने कहा एकेडमिक सेशन में हक रिसर्च ड्यूटी पर तैनात टीचर को नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि रिटायरमेंट के बाद एकेडमिक सेशन के आखिर तक नौकरी जारी रखना एक रियायत है, न कि कोई कानूनी अधिकार। इसका दावा सिर्फ़ वही टीचर कर सकता है जो असल में रेगुलर टीचिंग (नियमित शिक्षण) में लगा हो। कोर्ट ने कहा कि एक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के एसोसिएट…

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महिला शादी कर जहां चाहे रहे, रोक नहीं सकते:हाईकोर्ट बोला- महिला को माता-पिता के पास लौटने को मजबूर नहीं कर सकते

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि वयस्क महिला अपनी मर्जी से अपने रहने की जगह और साथी चुनने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, और उसके माता-पिता की नाराज़गी इसका आधार नहीं बन सकती। रामपुर निवासी राकेश कुमार ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उनकी बेटी निकिता (लगभग 20 वर्ष) को प्रतिवादी…

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शिक्षित पत्नी भरण-पोषण की हकदार- हाईकोर्ट:कोर्ट ने कहा – पर्याप्त आय, माता-पिता की संपत्ति या पेंशन को इसमें शामिल नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि केवल इस तथ्य से कि पत्नी शिक्षित है, उसे धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण का दावा करने से वंचित नहीं किया जा सकता है, जब इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह वास्तव में पर्याप्त आय अर्जित कर रही है। न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद…

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मायके से मिली संपत्ति पर पति का अधिकार नहीं:परिवारिक विवाद पर आंध्र हाईकोर्ट बोला- निसंतान महिला का सबकुछ पिता के वारिस को मिलेगा

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी हिंदू महिला को माता-पिता से विरासत में संपत्ति मिली है और उसकी मौत बिना संतान, वसीयत किए बिना ही हो जाती है, तो उस संपत्ति पर पति-ससुराल का कानूनी हक नहीं होगा। ऐसी संपत्ति महिला के पिता के कानूनी वारिसों को जाएगी। जस्टिस तारलाडा राजशेखर राव ने…

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हाईकोर्ट ने पूछा- मस्जिद सील करने का कानूनी अधिकार है:यूपी सरकार से मांगा जवाब, सुनवाई का अवसर दिए बिना कैसे सील किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूजा स्थल, मस्जिद के मामले पर एक बार फिर यूपी सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा है कि क्या वह बिना किसी पूर्व सूचना या संपत्ति मालिकों को सुनवाई का अवसर दिए बिना किसी पूजा स्थल और मस्जिद को सील कर सकती है। इलाहाबाद हाईकोर्ट…

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हाईकोर्ट ने पिता- बेटी पर डीएनए टेस्ट का दिया आदेश:कहा, पिता-बेटी को 'सच्चाई जानने का अधिकार', सोनभद्र का मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक नाबालिग बच्ची को धारा 125 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि पहले बच्ची की वास्तविक पितृत्व (बायोलाजिकल पैरेंट्स) की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाना आवश्यक…

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