निस्वार्थ प्रेम से ही रिश्ते निभते हैं: जया किशोरी:कथा के अंतिम दिन कर्म और मोक्ष का भी महत्व श्रद्धालुओं को समझाया

रिश्तों में स्वार्थ नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम ही सबसे बड़ा आधार है। श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर कथावाचक जया किशोरी ने प्रेम, कर्म और मोक्ष का संदेश देते हुए कहा कि भगवान भी सच्चे प्रेम के आगे स्वयं को समर्पित कर देते हैं। कथा समाप्ति पर हजारों श्रद्धालु भावुक हो गए और पूरे पंडाल…

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