हाईकोर्ट ने कहा, एक ही राहत के लिए अलग-अलग मुकदमेबाजी:इससे फैमिली कोर्ट पर बोझ बढ़ता है, लंबित मामलों के निपटारे में देरी होती है
भरण-पोषण की एक ही राहत के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत बार-बार मुकदमेबाजी को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने ठीक नहीं माना है। कोर्ट ने कहा कि कानून भरण-पोषण के लिए एक से ज्यादा कार्रवाइयां शुरू करने की इजाजत देता है, लेकिन इसका इस्तेमाल गैर-जरूरी मुकदमेबाजी बढ़ाने के लिए नहीं होना चाहिए। ऐसी कार्रवाइयों…