वाराणसी3 मिनट पहले
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वाराणसी में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आज 44वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है। कुलाधिपति राज्यपाल आंनदीबेन पटेल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। राज्यपाल समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां और पदक प्रदान करेंगी।
वैज्ञानिक और आईआईटी कानपुर के इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर पद्मश्री प्रो. आशुतोष शर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। उन्होंने भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। नैनो विज्ञान, रासायनिक अभियांत्रिकी, उन्नत पदार्थ विज्ञान और विज्ञान-प्रौद्योगिकी नीति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान ने भारत को विशिष्ट पहचान दिलाई है।
विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में होने वाले समारोह में उच्च शिक्षामंत्री योंगेद्र उपाध्याय विशिष्ट अतिथि होंगे। मंगलवार देर रात तक विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह को भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने की तैयारियों में जुटा रहा।

बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय 44वां दीक्षांत समारोह के लिए पदक सूची में कुल 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है, जिन्हें 29 पदक मिलेंगे। इनमें 13 छात्र और सात छात्राएं शामिल हैं। इसमें रवि दीक्षित को सर्वाधिक पांच पदक और पुष्कर तिवारी को तीन पदक मिलेंगे।
इस बार छात्र-छात्राओं के माता-पिता को भी सम्मानित किया जाएगा। पहले की सूची में कायनात खानम का भी नाम शामिल था जिसे 1 पदक दिया जाना था। सूची के लिए मिली आपत्तियों के निस्तारण के बाद कायनात का नाम हटाया गया। वहीं तमन्ना बानो की जगह बरकरार है।
समारोह से पहले दीक्षोत्सव के क्रम में विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों में भाषण, निबंध, काव्य लेखन, चित्रकला, लोकगीत-लोकनृत्य, पारम्परिक खेल प्रतियोगिताएं आदि का आयोजन किया जाएगा। दीक्षांत समारोह ‘संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परम्परा : विकसित भारत-2047 की आधारशिला’ विषय पर आधारित होगा।

तमन्ना को आयुर्वेद में मिलेगा 2 पदक
इस दीक्षांत समारोह में पदक पाने वालों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन उपलब्धियों के मामले में छात्राएं भी पीछे नहीं हैं। अंतिम सूची में छात्राओं ने कई कठिन विषयों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। तमन्ना बानो ने आयुर्वेद में दो स्वर्ण पदक हासिल किए।
इसी तरह, अनुराधा मिश्रा ने पुराणेतिहास, विशाखा शुक्ला ने बौद्ध दर्शन और अदिति पांडेय ने फलित ज्योतिष से संबंधित उपलब्धि के आधार पर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके अलावा गरिमा और बबली दीक्षित ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
इन मेधावियों को पदक मिलेंगे
1. रवि दीक्षित 5 कैप्टन उमाकांत शुक्ल स्वर्ण पदक, डॉ. निगम शर्मा स्वर्ण पदक व तीन अन्य।
2. पुष्कर तिवारी 3 गंगामणि स्वर्ण पदक, श्रीरामजी लाल शास्त्री स्वर्ण पदक व एक अन्य।
3. ब्रह्मचारी हनुमान चैतन्य 2 श्री विवेकानंद स्वर्ण पदक समेत दो पदक।
4. तमन्ना बानो 2 मंगनीराम बागड़ स्वर्ण पदक, पं. दयाशंकर द्विवेदी स्वर्ण पदक।
5. गोविंद सांपकोटा 2 ऋषिकेश स्वर्ण पदक, ज्योतिषाचार्य परीक्षा पदक।
6. श्रीकांत मिश्र 1 महाराज कर्ण सिंह स्वर्ण पदक।
7. प्रभानंशु पांडेय 1 राम प्रताप शास्त्री स्वर्ण पदक।
8. कुचुक अर्तेमी वैसीलीविच 1 काशिराज कांस्य पदक (विदेशी छात्र)।
9. अनुराधा मिश्रा 1 पुराणेतिहासाचार्य परीक्षा पदक।
10. महेशमणि त्रिपाठी 1 प्राचीन राजशास्त्रार्थशास्त्राचार्य परीक्षा पदक।
11. प्रशांत तिवारी 1 सांख्ययोगतंत्रागमाचार्य परीक्षा पदक।
12. नीरज कुमार चौबे 1 पूर्वमीमांसाचार्य परीक्षा पदक।
13. विशाखा शुक्ला 1 बौद्ध दर्शनाचार्य परीक्षा पदक।
14. नंदा सीरी 1 पालि थेरवादाचार्य परीक्षा पदक।
15. आनंद जैन 1 प्राकृत जैनागमाचार्य परीक्षा पदक।
16. शिव कुमार यादव 1 भाषा विज्ञानाचार्य परीक्षा पदक।
17. अदिति पांडेय 1 श्रीमती शशिकला शर्मा स्वर्ण पदक।
18. गरीमा 1 श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक।
19. बबली दीक्षित 1 श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्वर्ण पदक-2016।
20. केशव किशोर पांडेय 1 वक्रतुंड शुक्ल स्वर्ण पदक।
