![]()
सहारनपुर साइबर सेल की जांच में बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान तीन संदिग्ध बैंक खातों में करीब 4.97 करोड़ रुपए के लेनदेन का पता चला है। इन खातों को जिले के ही कुछ लोग संचालित कर रहे थे और इन्हें म्यूल खातों के रूप में इस्तेमाल
.
साइबर ठग फर्जी ऐप, लिंक, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश का झांसा देकर रकम मंगाते थे और फिर इन म्यूल खातों के जरिए पैसा आगे ट्रांसफर कर देते थे। मामले में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक जावेद खान की ओर से पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
पहला मामला में फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म से 51 लाख की ठगी
पहले मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के खाते से 51.49 लाख रुपए की ठगी सामने आई। यह ठगी 23 जून 2025 से 14 सितंबर 2025 के बीच फर्जी वेबसाइट, ऐप और लिंक के माध्यम से निवेश के नाम पर की गई।
जांच में पता चला कि यह खाता ‘सर्वहित मानव सेवा समिति’ के नाम पर खोला गया था, जिसे दीपक सैनी, सचेंद्र कुमार और विपिन सैनी संचालित कर रहे थे। इस खाते में एक साल के दौरान 1.19 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। देश के कई राज्यों से ठगी की रकम इस खाते में ट्रांसफर की गई।
दूसरा मामला में मेडिकोज एजेंसी के नाम पर 1.28 करोड़ का लेनदेन
दूसरा खाता ‘न्यू मेडिकोज एजेंसी, भगत सिंह मार्ग’ के नाम पर खोला गया था, जिसे चिलकाना निवासी मोहम्मद बिलाल चला रहा था। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक इस खाते में 1.28 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन हुआ।
इस मामले में ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग, शेयर मार्केट, डीमैट अकाउंट, टेलीग्राम ग्रुप और एपीके फाइल के जरिए निवेश का झांसा देकर विभिन्न राज्यों के लोगों से ठगी की।
तीसरा मामला में हयात ट्रेडर्स खाते से 2.50 करोड़ का ट्रांजेक्शन
तीसरा खाता ‘हयात ट्रेडर्स, मानकमऊ’ के नाम पर खोला गया था, जिसे हयात नबी संचालित कर रहा था। इस खाते में 19 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 2.50 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन किया गया।
समन्वय पोर्टल पर इस खाते से जुड़ी 16 शिकायतें दर्ज मिली हैं। ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, गोल्ड माइन, निवेश योजनाओं और नकली लिंक-ऐप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया।
साइबर सेल ने तीनों मामलों में पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।