Palanisamy vs Velumani Factions Emerge in Tamil Nadu

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चेन्नई1 मिनट पहले

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AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी सोमवार को अपने गुट के विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे। - Dainik Bhaskar

AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी सोमवार को अपने गुट के विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे।

तमिलनाडु में AIADMK पार्टी में फूट पड़ती नजर आ रही है। इस बार चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। एक गुट पलानीसामी का है जिनके समर्थन में 17 नेता हैं। वहीं दूसरा गुट वेलुमणि का है जिनके पास 30 विधायकों का साथ है।

दोनों गुटों में मतभेद तब दिखाई दिए, जब AIADMK के नवनिर्वाचित सदस्य सोमवार को तमिलनाडु की 17वीं विधानसभा के पहले सत्र में शामिल होने आए।

एक गुट ने प्रोटेम स्पीकर एमवी करुपैया को एक पत्र सौंपा, जिसमें उनसे पी वेलुमणि को AIADMK विधायक दल का नेता घोषित करने का आग्रह किया गया था। वहीं दूसरे गुट ने पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीसामी को विधायक दल का नेता घोषित करने की मांग की।

उधर सूत्रों की मानें तो वेलुमणि के साथ वाला 30 विधायकों का गुट राज्य में TVK पार्टी को समर्थन देना चाहता है। जबकि पलानीसामी इसका विरोध कर रहे हैं।

एडप्पादी पलानीसामी अपने गुट के नेताओं के साथ सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे थे।

एडप्पादी पलानीसामी अपने गुट के नेताओं के साथ सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे थे।

AIADMK के पूर्व नेता बोले- पार्टी में फूट पड़ चुकी है

AIADMK के पूर्व नेता केसी पलानीसामी ने कहा, पार्टी के भीतर साफ तौर पर फूट पड़ चुकी है। कई विधायक नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। अगर एडप्पादी नेता बने रहते हैं, तो इस बात की संभावना है कि कुछ विधायक TVK को समर्थन दे सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि एडप्पादी पलानीसामी को पार्टी के शीर्ष पद से स्वेच्छा से हट जाना चाहिए ताकि पार्टी फिर से एकजुट हो सके और अगला चुनाव लड़ सके।

AIADMK में फूट पड़ने की 4 वजहें…

  • पार्टी के नेताओं में विश्वास नहीं रहा: आधिकारिक तौर पर एडप्पादी पलानीसामी AIADMK के महासचिव हों। लेकिन पार्टी के भीतर ज्यादातर लोग अब उनके साथ नहीं हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बागी गुट अब औपचारिक रूप से अलग होने की तैयारी कर रहा है।
  • पिछले 5 चुनावों से हार रही पार्टी: पार्टी के भीतर का यह संकट AIADMK के लिए एक मुश्किल दौर में सामने आया है, जब पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। जिसमें 2019 का आम चुनाव, 2021 का विधानसभा चुनाव, 2024 का लोकसभा चुनाव और 2021 का विधानसभा चुनाव शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी को 2025 में इरोड उपचुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा।
  • 2024 में पलानीसामी का बीजेपी से मतभेद: AIADMK के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन पर हुई बातचीत के दौरान एडप्पादी पलानीसामी ने कथित तौर पर BJP के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया था, तब से दिल्ली के साथ उनके रिश्ते खराब हो गए हैं।
  • 2026 चुनाव में भाजपा को कमजोर सीटें देना: बागी नेताओं ने एडप्पादी पलानीसामी पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में BJP को 27 ऐसी सीटें दी थीं जिन पर जीतना लगभग नामुमकिन था। यह राजनीतिक तौर पर BJP को कमजोर करने की कोशिश थी।

TVK चीफ और एक्टर विजय तमिलनाडु के 9वें सीएम बने

तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री की शपथ ली। टीवीके नेता एमवी करुप्पैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने CM विजय को 13 मई को विश्वास मत हासिल करने को कहा है।

59 साल बाद पहली बार गैर DMK-AIADMK सरकार

तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) के अलावा किसी तीसरी पार्टी की सरकार बनने वाली है।

1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार सत्ता हासिल की थी। 1972 में एमजी रामचंद्रन (MGR) ने DMK से अलग होकर AIADMK बनाई और तब से दोनों दल बारी-बारी से सत्ता में आते रहे।

इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, PMK, DMDK जैसी कई पार्टियां उभरीं, लेकिन कोई भी DMK-AIADMK के प्रभुत्व को खत्म नहीं कर पाई।

इस तरह पिछले करीब 59 सालों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही। 59 सालों बाद कोई तीसरी पार्टी की सरकार बनी है।

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