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31.437 किलोमीटर लंबे DND-यमुना एक्सप्रेसवे लिंक रोड कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) विकसित करेगा। इसके लिए परियोजना की संशोधित डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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प्राधिकरण के जीएम एके अरोड़ा ने बताया कि NHAI ने नोएडा प्राधिकरण से प्रस्तावित एलाइनमेंट के आसपास मौजूद सभी लिंक रोड, एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित चिल्ला एलिवेटेड रोड और अन्य विकसित की जाने वाली परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें प्रस्तावित रूट के एलाइमेंट, डिजाइन शामिल है।
सलाहकार कंपनी पूरे एलाइनमेंट का दोबारा सर्वे करेगी और उसके आधार पर अंतिम डीपीआर तैयार की जाएगी। हालांकि इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। प्राथमिक डीपीआर दो महीने में दी जाएगी। माना जा रहा है कि नई डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की वास्तविक लागत, एलाइनमेंट और निर्माण मॉडल को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि प्राधिकरण के अनुसार योजना की लागत करीब 4300 करोड़ होगी।
दोबारा चेक हो रही फिजिबिलिटी यह सड़क दिल्ली को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित है। योजना के तहत DND से घरबरा तक करीब 31.437 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाना है।
इस मार्ग का एक हिस्सा ओखला बर्ड सेंचुरी क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए वहां दोबारा फिजिबिलिटी जांच कराई जा रही है। अधिकारियों के सामने यह भी चुनौती है कि यदि एनजीटी या वन विभाग से एनओसी नहीं मिलती है तो वैकल्पिक एलाइनमेंट क्या होगा।
नोएडा एक्सप्रेस वे भार होगा कम प्रस्तावित योजना के अनुसार यह सड़क सेक्टर-94 पुश्ता से होते हुए सेक्टर-151 के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी। इसके बनने के बाद दिल्ली से आगरा, मथुरा और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों को नोएडा शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे शहर के ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।