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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने, दरारें आने और निर्माण से जुड़ी खामियां सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। NHAI ने कंपनी को तीन साल के लिए अपनी नई परियोजनाओं
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NHAI के मुताबिक एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क धंसने और सतह खिसकने की शिकायतें मिली थीं। शुरुआती जांच में सड़क की आधार संरचना में पानी पहुंचने और निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवाल सामने आए हैं। सड़क खराब होने की असली वजह पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जा रही है।
मरम्मत पूरी होने तक टोल नहीं लिया जाएगा
वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी रोक दी गई है। सड़क की मरम्मत और सुरक्षा से जुड़ी कमियां दूर होने तक वाहन चालकों से टोल नहीं लिया जाएगा।
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 4,700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसका उद्घाटन 13 जुलाई को किया गया था। परियोजना का निर्माण आगरा की पीएनसी इंफ्राटेक ने किया है। NHAI की कार्रवाई का असर कंपनी की आगामी सरकारी परियोजनाओं में भागीदारी और कारोबार पर पड़ सकता है।
25 सितंबर से कानपुर से लखनऊ आने वाली एक लेन खुलेगी
इधर, एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। 25 सितंबर से कानपुर से लखनऊ की ओर आने वाली एक लेन को खोलने की तैयारी है। एलिवेटेड सेक्शन में किलोमीटर संख्या 19.33 के पास सड़क की मरम्मत का काम चल रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।
मरम्मत के दौरान सड़क को मजबूत करने के लिए ऐसी सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो जल्दी सूख जाती है। इसके चलते सड़क को जल्द यातायात के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है। लेन खुलने के बाद कानपुर से लखनऊ आने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।