बच्चों का संस्कार करते परिजन और श्मशान घाट पहुंची महिला।
मोहाली में अपने तीन बच्चों को नहर में फेंकने वाली मां शकुंतला को अंतिम संस्कार के समय बच्चों का मुंह नहीं देखने दिया गया। परिजन ने कहा कि जिसने हत्या की, उसे मुंह देखने का हक नहीं। वह अपने भाई और भाभी के साथ ऑटो में श्मशान घाट पहुंची थी।
.
मुंह न दिखाने पर शकुंतला ने कहा- मैंने कौन सी गलती की है। मैंने खुद भी उनके साथ ही छलांग लगाई थी। मुझे वहां मौजूद लोगों ने देख लिया था और तुरंत नहर से निकाल लिया। इसी कारण मैं बच गई।
शंकुतला ने कहा कि जब से उसके पति कमल की मौत हुई है, तब से ससुराल पक्ष उसे परेशान कर रहा है। उसके साथ उसका देवर, सास, ससुर, ननद और नंदोई सभी मारपीट करते हैं। इसी वजह से वह परेशान रहती थी।
शकुंतला ने कहा कि वह इस मामले को लेकर अलग-अलग लोगों से मिली थी, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। यहां तक कि वह परेशान होकर प्रधान के पास भी गई थी, लेकिन वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उसने यह कदम उठाया।

10 वर्षीय तपेश, 7 वर्षीय तन्वी और 4 वर्षीय नितिन। – फाइल फोटो
अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला…
- 9 महीने पहले पति ने सुसाइड किया था: शकुंतला के पति ने 9 महीने पहले आत्महत्या कर ली थी। वह अपने सास-ससुर और तीन बच्चों 10 वर्षीय तपेश, 7 वर्षीय तन्वी और 4 वर्षीय नितिन के साथ रहती थी। सोमवार दोपहर को वह अपने तीनों बच्चों को मेला दिखाने का कहकर ले गई और रोपड़ स्थित नहर में बच्चों के साथ छलांग लगा दी।
- तीसरे बच्चे का शव अभी तक नहीं मिला: सूचना मिलने के बाद मोहाली पुलिस रोपड़ पहुंची। महिला को जिंदा बाहर निकाल लिया गया और गोताखोरों की मदद से दो बच्चों के शव बरामद कर मोहाली लाया गया। मंगलवार को पूरे दिन पुलिस ने महिला से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर तीसरे बच्चे के शव की नहर में तलाश की गई, लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका है।
- मां को बच्चों का मुंह नहीं देखने दिया: बुधवार को गांव मटौर में दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। जब मां मौके पर पहुंची तो परिजनों ने उसे बच्चों का मुंह तक नहीं देखने दिया। उनका कहना था कि जिसने हत्या की है, उसे मुंह देखने का हक नहीं है।

अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद राजू नाम के युवक ने पुलिस पर सवाल उठाए।
लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा
बच्चों के अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर गुस्सा है। अंतिम संस्कार में पहुंचे राजू नाम के युवक ने बताया कि दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बच्चों के शव तो नहर से बरामद कर लिए, लेकिन आरोपी महिला को खुला छोड़ रखा है और वह अपने मायके में रह रही है।

मामले की जानकारी देते बच्चों के दादा रामबाबू और दादी।
दो पॉइंट में परिजन के आरोप…
- पहले से बच्चों को मारना चाहती थी: महिला के ससुर रामबाबू ने कहा है कि शकुंतला पहले से ही बच्चों को मारना चाहती थी, लेकिन उसे मौका नहीं मिल रहा था। जिस दिन सभी लोग काम पर गए, उसे मौका मिल गया और वह अपनी कोशिश में कामयाब हो गई।
- घंटों मोबाइल पर रहती थी बहू: उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच पहले क्या विवाद था, इसकी उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन बेटे कमल की आत्महत्या के बाद से शकुंतला ज्यादातर समय मोबाइल फोन पर बिताती थी। उसके पास दो मोबाइल फोन थे और वह लंबे समय तक किसी से बातचीत करती रहती थी। उन्हें नहीं पता कि वह किससे बात करती थी। कमल पेंटर का काम करता था।
॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
यह खबर भी पढ़ें…
पंजाब में मां ने की 3 बच्चों की हत्या:मोहाली से आकर रोपड़ नहर में फेंके; 4, 7 और 10 साल उम्र, खुद भी सुसाइड करने कूदी

रोपड़ में मोहाली की एक महिला ने अपने 3 बच्चों को नहर में फेंक दिया। इसके बाद खुद भी आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगा दी। इस घटना में तीनों बच्चों की मौत गई। इनमें से 2 बच्चों के शव गोताखोरों ने बरामद कर लिए। जबकि, एक बच्चे की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर…