नितिन कुमार अवस्थी | मिर्जापुर5 मिनट पहले
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मिर्जापुर का चुनार मिट्टी के उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
माटीकला को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की ओर से उत्कृष्ट कृतियां तैयार करने वाले शिल्पियों, कारीगरों और उद्यमियों को मंडल स्तरीय पुरस्कार दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के तहत प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के लिए प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। पुरस्कार वितरण समारोह 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे पथरहिया रोड स्थित कम्बल कारखाना परिसर में प्रस्तावित है।
मिर्जापुर का चुनार क्षेत्र मिट्टी के उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यहां तैयार होने वाले मिट्टी के खिलौने, बर्तन और अन्य उत्पाद देश ही नहीं, विदेशों में भी भेजे जाते हैं। माटीकला बोर्ड की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला से जुड़े शिल्पियों और कारीगरों को प्रोत्साहित करना है।

तीन जिलों के शिल्पी-कारीगर ले सकेंगे हिस्सा
परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी अमितेश कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही जिले के निवासी शिल्पी, कारीगर और उद्यमी प्रतिभाग कर सकते हैं। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। प्रतिभागी का माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़ा होना और मिट्टी से विभिन्न प्रकार के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करना जरूरी है। इसके साथ ही प्रतिभागी का उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड में सूचीबद्ध या पंजीकृत होना भी अनिवार्य है।

ऑनलाइन आवेदन के बाद कार्यालय में जमा करनी होगी प्रति
इच्छुक प्रतिभागी उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रति सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, मीरजापुर में जमा करनी होगी।

आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
आवेदन के लिए पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, शैक्षिक प्रमाण-पत्र और बैंक पासबुक प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा मिट्टी से तैयार किए गए सामान और बर्तनों की फोटो भी आवेदन के साथ देनी होगी। अधिकारी ने पात्र शिल्पियों और कारीगरों से समय से आवेदन कर पुरस्कार कार्यक्रम में प्रतिभाग करने का आह्वान किया है।
