Lawrence of Punjab Web Series Family Protest Punjab Defamation Allegations

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर बनी वेब सीरीज का परिवार ने किया विरोध।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर उनके परिवार ने विरोध जताया है। लॉरेंस बिश्नोई के परिवार ने इस सीरीज के कंटेंट, इसके निर्माण की प्रक्रिया और रिलीज होने के समय पर सवाल खड़े किए हैं।

.

परिवार का कहना है कि यह सीरीज न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि न्यायिक प्रणाली और पंजाब की गौरवशाली संस्कृति का भी अपमान करती है। जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक इस पर रोक होनी चाहिए, नहीं तो इससे अदालती कार्यवाही प्रभावित हो सकती है

वेब सीरिज बनाने के लिए न तो परिवार से परमिशन ली गई है और न ही सरकार से। लॉरेंस के चाचा रमेश बिश्नोई का कहना है कि फिल्म के प्रोड्यूसर पर इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

रमेश बिश्नोई।

रमेश बिश्नोई।

बिश्नोई परिवार को क्यों है वेब सीरिज पर एतराज…

  • परिवार से नहीं ली परमिशन: लॉरेंस बिश्नोई के चाचा रमेश बिश्नोई का कहना है कि सीरीज के निर्देशक और प्रोडक्शन टीम ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले परिवार से कोई संपर्क नहीं किया और न ही उनकी कोई मंजूरी ली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि संवेदनशील कानूनी मामलों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए सरकार से क्या कोई अनुमति ली गई थी?
  • बड़ा गैंगस्टर दिखाया है: रमेश बिश्नोई का कहना है कि इस वेब सीरिज में जिस तरह से लॉरेंस को एक ‘बड़े गैंगस्टर’ और ‘फिरौती सिंडिकेट’ के मास्टरमाइंड के रूप में पर्दे पर उतारा गया है, वह पूरी तरह से एकतरफा और भ्रामक है।
  • यह एक डॉक्यूमेंट बन जाएगा: रमेश बिश्नोई का कहना है कि डॉक्यूमेंट्री में जो भी दिखाया जाएगा वो एक डॉक्यूमेंट बन जाएगा। परिवार की ओर से दी गई दलील में कहा गया है कि ऐसी सीरीज के माध्यम से समाज में एक तरफा नैरेटिव सेट किया जा रहा है, जो भविष्य में अदालती कार्यवाही को भी प्रभावित कर सकता है।
  • अदालत के फैसले का इंतजार करते: तर्क दिया कि जब तक किसी व्यक्ति पर चल रहे मामलों में अदालत का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक मीडिया या फिल्म जगत को उसे ‘अपराधी’ या ‘गैंगस्टर’ के रूप में महिमामंडित या चित्रित करने का कोई अधिकार नहीं है। परिवार ने आरोप लगाया कि अभी उसके सभी केस अदालतों में चल रहे हैं।
  • हाईकोर्ट व सरकार से रोक लगाने की अपील: परिवार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट व सरकार से अपील की है कि इस वेब सीरिज पर पाबंदी लगाई जाए। कोर्ट के निर्णय के बाद इसे रिलीज करना है तो करें। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह के संवेदनशील कंटेंट को रिलीज करने से पहले एक सख्त सेंसरशिप और वेरिफिकेशन प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए।
लॉरेंस बिश्नोई। फाइल फोटो

लॉरेंस बिश्नोई। फाइल फोटो

राजा वड़िंग ने वेब सीरिज पर रोक लगाने की मांग की

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस सीरीज का विरोध किया है। वड़िंग का मानना है कि पंजाब पहले से ही नशा और गन-कल्चर जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह का कंटेंट आग में घी डालने का काम करता है। पढ़ें वड़िंग ने विरोध में क्या कहा…

  • डीजीपी को पत्र: राजा वड़िंग ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर इस सीरीज के संभावित दुष्प्रभावों की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने मांग की है कि राज्य पुलिस को इसके प्रसारण से कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले असर की जांच करनी चाहिए।
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को दी शिकायत: उन्होंने केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भी इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत भेजी है, जिसमें सीरीज के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने या इसे पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आग्रह किया गया है।
  • विधानसभा में उठाने की रणनीति: वड़िंग ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा के आगामी सत्र में उठाएंगे। उनका कहना है कि वे सरकार पर दबाव बनाएंगे कि राज्य की छवि खराब करने वाली किसी भी फिल्म या सीरीज को पंजाब में प्रतिबंधित किया जाए।
  • कांग्रेस प्रमुखता से उठा रही मामला: राजा वड़िंग का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब के सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की। ऐसे में उसका पंजाब में महिमा मंडन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरे प्रदेश में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी।अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

इन संगठनों ने भी दर्ज कराई आपत्ति

सिर्फ बिश्नोई परिवार और मुख्य विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि पंजाब के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस सीरीज के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। लुधियाना और अमृतसर स्थित कई स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ जैसे शीर्षक ही राज्य के युवाओं को गलत संदेश देते हैं। इससे पंजाब की पहचान केवल अपराध और गैंगवार से जुड़ने लगती है।

शिरोमणि अकाली दल और अन्य क्षेत्रीय दलों के कुछ नेताओं ने भी इस मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि राज्य सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि अगर इस वेब सीरिज में यह भी दिखाया जाए कि आप सरकार ने किस तरह उसका इंटरव्यू जेल में करवाया है तो मानेंगे कि इसमें तथ्य सही हैं। नहीं तो यह पंजाब को बदनाम करने की कोशिश की गई है।

————

यह भी पढ़ें- लॉरेंस इंटरव्यू मामले में बर्खास्त DSP की याचिका पर सुनवाई:एडवोकेट बोले-गलत तरीके से फंसाया; खरड़ सीआईए में हुआ था इंटरव्यू

गैंगस्टर लॉरेंस के टीवी इंटरव्यू के मामले में बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह की याचिका पर आज पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में दायर याचिका में गुरशेर के वकीलों ने कहा कि वह बेकसूर हैं, क्योंकि वहां पर सुरक्षा का जिम्मा विभिन्न अधिकारियों के पास था। लॉरेंस की कस्टडी एजीटीएफ के पास थी। ऐसे में उनकी इंटरव्यू में भूमिका कैसे हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.