भानु प्रकाश तिवारी | बलरामपुर11 मिनट पहले
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भारतीय नववर्ष विक्रम संवत-2083 का शुभारंभ चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, 19 मार्च गुरुवार से हो रहा है। इसके स्वागत समारोह की तैयारियों को लेकर क्रांतिकारी विचार मंच ने एक शनिवार शाम एक बैठक आयोजित की।
क्रांतिकारी विचार मंच पिछले 25 वर्षों से भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। यह मंच भारतीय नववर्ष के स्वागत की परंपरा को बनाए हुए है।
इस वर्ष के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए मंच के संयोजक इंदु भूषण जयसवाल के आवास पर एक बैठक हुई। इसमें संरक्षक हरिवंश सिंह, अध्यक्ष जय प्रकाश सिंह और महामंत्री डॉ. तुलसीश दुबे शामिल हुए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि नववर्ष की पूर्व संध्या पर 18 मार्च, बुधवार को शाम 7:00 बजे से श्री अवध पैलेस, टेढ़ी बाजार में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में काव्यसंध्या, सम्मान समारोह और बौद्धिक संगोष्ठी शामिल होगी।
मंच के संयोजक इंदु भूषण जयसवाल ने बताया कि पाश्चात्य नववर्ष की तुलना में भारतीय नववर्ष की प्रसिद्धि धीमी पड़ रही थी। इसी को देखते हुए क्रांतिकारी विचार मंच ने भारतीय नववर्ष को धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया, जिसके परिणामस्वरूप अब पूरे भारत में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर विभिन्न आयोजन होने लगे हैं।
अध्यक्ष जय प्रकाश सिंह और संरक्षक हरिवंश सिंह ने जानकारी दी कि इस वर्ष अयोध्या धाम में श्री राम जन्मभूमि पर भारतीय नववर्ष के अवसर पर विशेष आयोजन होंगे। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में होने वाले इन सांस्कृतिक आयोजनों से भारतीय नववर्ष की प्रसिद्धि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी।
महामंत्री डॉ. तुलसीश दुबे ने भारतीय पंचांग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन समाज में सभी तीज, त्योहार, पर्व, व्रत और जयंतियां हमारे पंचांग से ही मनाई जाती हैं, जिनकी शुरुआत भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही व्यावहारिक कार्यों के लिए अंग्रेजी कैलेंडर का प्रचलन हो गया हो, लेकिन धार्मिक दृष्टि से सभी आयोजन भारतीय पंचांग के अनुसार ही होते हैं।

