Jaish-e-Mohammed Headquarters Rebuilt in Bahawalpur

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4 मिनट पहले

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पाकिस्तान के बहावलपुर में मसूद अजहर की मस्जिद।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

पाकिस्तान के बहावलपुर में मसूद अजहर की मस्जिद।- फाइल फोटो

पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मरकज सुभानअल्लाह हेडक्वार्टर फिर से बनकर तैयार हो गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के 15 महीने बाद यह बेस फिर से तैयार हो गया है।

7 और 8 मई की रात हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इस बेस को तबाह कर दिया था।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कैंप पर नया संगमरमर, ताजा पेंट और प्लास्टर दिख रहा है। क्षतिग्रस्त गुंबदों को भी दोबारा बना दिया गया है। हॉल में हमलों से बने गड्ढों को भर दिया गया है और पूरी इमारत की मरम्मत कर दी गई है।

दरअसल, 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी। इसी दौरान जैश के बहावलपुर बेस को भी टारगेट किया गया था।

नए बने बेस की तस्वीरें…

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेस के अंदर का हॉल धंस गया। अब इसकी मरम्मत कर दी गई है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेस के अंदर का हॉल धंस गया। अब इसकी मरम्मत कर दी गई है।

बेस की दूर से ली गई तस्वीर। इसमें नई फेंसिंग होती दिख रही है।

बेस की दूर से ली गई तस्वीर। इसमें नई फेंसिंग होती दिख रही है।

मरम्मत पर 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी ने जैश को मरम्मत के लिए किस्तों में 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपए दिए। इनमें से करीब 11 करोड़ रुपए हॉल को दोबारा बनाने में खर्च किए गए।

इसके अलावा मदरसा अल-सबीर और जैश कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल होने वाले परिसर को भी शामिल हैं। इस जगह पर नया निर्माण भी किया जा रहा है।

तस्वीरों से भी बहावलपुर मस्जिद के गुंबद और आसपास के ढांचों को गंभीर नुकसान की पुष्टि हुई थी।

तस्वीरों से भी बहावलपुर मस्जिद के गुंबद और आसपास के ढांचों को गंभीर नुकसान की पुष्टि हुई थी।

भर्ती और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होता था बेस

मरकज सुभान अल्लाह भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर है। यह जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख ठिकाना था, जहां संगठन अपने सदस्यों की भर्ती, ट्रेनिंग और ब्रेनवॉश करता था।

18 एकड़ में फैले इस परिसर को उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। यहां एक मस्जिद और दूसरी सुविधाएं भी मौजूद थीं।

बहावलपुर का यह कैंप लंबे समय से भारत के खिलाफ जैश की गतिविधियों से जुड़ा रहा है। संगठन का नाम 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले से जुड़ा है।

माना जाता है कि पुलवामा हमले की साजिश भी सुभान अल्लाह कैंप में बनाई गई थी।

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