3 मिनट पहले
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केंद्र सरकार ने टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज के पैकेट पर हरा या लाल बिंदु लगाना अनिवार्य कर दिया है।
शाकाहारी सामग्री से बने उत्पादों पर हरा और मांसाहारी सामग्री वाले उत्पादों पर लाल या भूरा बिंदु रहेगा।
बिंदु पैकेट के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में होगा। इसे देखकर उपभोक्ता जान सकेंगे कि रोजमर्रा के इस्तेमाल का उत्पाद शाकाहारी मूल का है या मांसाहारी।
सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 में संशोधन कर यह प्रावधान लागू किया है। 21 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ ही ये नियम लागू हो गए था।

सामान पर गलत बिंदु दिखने पर शिकायत कैसे करें?
यदि किसी मांसाहारी उत्पाद पर हरा निशान या शाकाहारी पर लाल निशान लगा है, तो यह नियमों का उल्लंघन है। इसके लिए आप इन तरीकों से शिकायत कर सकते हैं।

पैक पर नाम और लाइसेंस नंबर लिखना जरूरी है
पैक पर पहले से ही उत्पाद का नाम, निर्माता का पता, मात्रा, बैच नंबर, लाइसेंस नंबर, निर्माण और एक्सपायरी तारीख, अधिकतम खुदरा मूल्य तथा इस्तेमाल की सावधानियां लिखना जरूरी है।
सामग्री उत्पाद की प्रकृति नहीं दिखाती, इसलिए बिंदु जरूरी
नारियल, जैतून, एलोवेरा, शीया बटर जैसी सामग्री पौधों से मिलती है। लैनोलिन भेड़ की ऊन से और कोलेजन-जिलेटिन पशुओं से मिलते हैं। ग्लिसरीन, स्टीयरिक एसिड और फैटी एसिड पौधों और पशु वसा, दोनों से बनते हैं। नाम मूल प्रकृति नहीं बताता। ऐसे में, हरा-लाल बिंदु स्पष्ट बताएगा। 60 मिली तक तरल व 30 ग्राम तक ठोस पैक पर घटक नहीं होते। वहां भी बिंदु काम आएगा।
