India Sugar Price Hike | Retail Online Platforms Limit Purchase Quantity

  • Hindi News
  • Business
  • India Sugar Price Hike | Retail Online Platforms Limit Purchase Quantity

2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश भर में चीनी की सप्लाई घटने और कीमतें बढ़ने की वजह से क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और रिटेल स्टोर्स ने ग्राहकों की खरीद सीमा यानी क्वांटिटी लिमिट तय कर दी है। बिगबास्केट, ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी इन्स्टामार्ट के साथ-साथ डीमार्ट और रिलायंस रिटेल जैसे बड़े रिटेल चेन्स ने एक बार में प्रति ग्राहक 2 से 5 किलो से ज्यादा चीनी की बिक्री पर रोक लगा दी है।

उपभोक्ता मामले विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 65.05 रुपए प्रति किलो पहुंच गई, जो एक महीने पहले यानी 26 जुलाई को करीब 48 रुपए प्रति किलो थी। 1 महीने में खुदरा कीमतों में करीब 35.5% की तेजी आई है।

ऑनलाइन ऐप्स पर कहां कितनी बंदिश?

ब्लिंकिट दिल्ली-एनसीआर में कुछ चुनिंदा ब्रांड्स के चीनी पैक पर प्रति ट्रांजैक्शन 5 किलो की लिमिट दे रहा है। स्विगी इन्स्टामार्ट पर ग्राहक 1-1 किलो के दो पैकेट या 5 किलो का एक पैकेट ही ऑर्डर कर पा रहे हैं।

दूसरी ओर, बिगबास्केट पर कुछ ब्रांड्स के लिए प्रति ग्राहक अधिकतम 6 किलो की सीमा रखी गई है। जेप्टो ने भी स्टॉक की कमी से निपटने के लिए कई लोकेशनों पर सीमित बिक्री शुरू की है।

डीमार्ट और रिलायंस रिटेल ने भी कैपिंग लगाई

ऑफलाइन बाजार में डीमार्ट और रिलायंस रिटेल जैसे सुपरमार्केट्स ने प्रति ग्राहक 2 से 3 किलो चीनी खरीदने की सीमा तय की है। प्रमुख चीनी ब्रांड्स के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, रिटेलर्स यह कदम किसी संभावित जमाखोरी को रोकने और हर ग्राहक को स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए उठा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में चीनी का कोई ‘स्टॉक-आउट’ जैसी स्थिति नहीं है।

किस ऐप/स्टोर पर कितनी लिमिट?

  • ब्लिंकिट: 1 बार में अधिकतम 5 किलो
  • स्विगी इन्स्टामार्ट: 1-1 किलो के 2 पैकेट या 5 किलो का 1 पैक
  • बिगबास्केट: अधिकतम 6 किलो (अलग-अलग ब्रांड्स)
  • डीमार्ट / रिलायंस: 2 से 3 किलो प्रति ग्राहक

थोक बाजार में भी 34% महंगी हुई चीनी

केवल रिटेल ही नहीं, थोक बाजार में भी चीनी की कीमतें तेजी से उछली हैं। थोक भाव 45 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 60.36 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पीआईबी (PIB) के आंकड़ों के मुताबिक, 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच ही चीनी के दाम 16% तक बढ़ गए थे, जो अगस्त के आखिरी हफ्ते तक और तेज हो गए।

कीमतें बढ़ने और सप्लाई घटने के 3 मुख्य कारण

  1. उत्पादन में गिरावट का अनुमान: इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने 2025-26 मार्केटिंग ईयर के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग के बाद देश का शुद्ध चीनी उत्पादन लगभग 279 लाख टन रहने का अनुमान जताया है।
  2. घरेलू मांग ज्यादा: भारत में चीनी की सालाना घरेलू खपत करीब 280 से 285 लाख टन है। सत्र की शुरुआत में करीब 50 लाख टन का ओपनिंग स्टॉक था, लेकिन खपत के मुकाबले नया उत्पादन कम रहने की आशंका से सप्लाई प्रेशर बढ़ा है।
  3. कम बच सकता है क्लोजिंग स्टॉक: ISMA के मुताबिक, सितंबर के अंत तक देश में क्लोजिंग स्टॉक घटकर महज 35 लाख टन रह जाएगा, जो पिछले सालों की तुलना में काफी कम है।

त्योहारी सीजन में आम बजट बिगड़ेगा

रक्षाबंधन और आने वाले गणेशोत्सव, नवरात्रि व दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों और चीनी आधारित व्यंजनों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में चीनी की कीमतों में प्रति किलो 17 रुपए किलो तक की बढ़ोतरी से आम परिवारों के महीने के राशन का बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा।

1 महीने में कैसे बढ़े दाम?

  • 26 जुलाई 2026: ₹48.00/kg
  • 20 अगस्त 2026: ₹55.70/kg
  • 26 अगस्त 2026: ₹65.05/kg

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.