IIT Bombay Student Death | Sahil Wakode Exam Stress & Final Statement

मुंबई23 मिनट पहले

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IIT बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोडे ने मौत से कुछ घंटे पहले फोन पर अपनी करीबी दोस्त से बात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत में उसने थर्मोडायनेमिक्स का पेपर खराब होने और “अब यह हो जाने” की बात कही थी। उसने यह भी कहा था- मुझसे गलती हो गई।

इसके बाद साहिल ने दोस्त के फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। इस आखिरी बातचीत में साहिल ने जाति से जुड़ी किसी घटना या टिप्पणी का जिक्र नहीं किया था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के कुछ घंटे बाद हुई। हालांकि, साहिल के माता-पिता ने दावा किया था कि उसने उन्हें जातिसूचक गालियां देने और भेदभाव की बात बताई थी।

22 साल के साहिल वाकोडे ने 18 सितंबर को पवई कैंपस के हॉस्टल सुसाइड कर लिया था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक सेकंड ईयर का छात्र था। आरोप है कि परीक्षा के दौरान साहिल ने मोबाइल फोन से ChatGPT का इस्तेमाल किया था। बुधवार को इसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था।

CCTV फुटेज 18 सितंबर दोपहर 12:38 बजे का है।

CCTV फुटेज 18 सितंबर दोपहर 12:38 बजे का है।

साहिल के माता-पिता का आरोप- मुंबई से जबरन बाहर ले जाया गया

आत्महत्या करने वाले IIT बॉम्बे के छात्र के माता-पिता ने आरोप लगाया कि बुधवार तड़के उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ निजी कार से मुंबई से बाहर ले जाया गया। परिवार के मुताबिक, उन्हें मुंबई से करीब 555 किलोमीटर दूर वाशिम जिले ले जाया गया।

परिवार ने कहा कि वे मुंबई में रहकर IIT बॉम्बे के पवई परिसर के बाहर भूख हड़ताल शुरू करना चाहते थे। उन्होंने मामले में नामित प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

18 सितंबर के एग्जाम हॉल की सीसीटीवी फुटेज में साहिल नजर आया

साहिल की मौत के मामले में बुधवार को एग्जाम हॉल का 54 सेकेंड का CCTV फुटेज सामने आया था। इसमें साहिल काली टी-शर्ट में आगे की सीट पर बैठा दिख रहा है। हॉल में तीन सुपरवाइजर भी मौजूद हैं।

फुटेज में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला साहिल के पास आते और उससे बात करते दिख रहे हैं। इसके बाद साहिल उन्हें अपना मोबाइल फोन और आंसर शीट देता नजर आता है। फिर उसे एग्जाम हॉल से बाहर भेज दिया जाता है।

साहिल से एक प्रोफेसर ने मोबाइल और ऑन्सर शीट ले ली थी। इसके बाद साहिल एग्जाम हॉल से बाहर चला गया था।

साहिल से एक प्रोफेसर ने मोबाइल और ऑन्सर शीट ले ली थी। इसके बाद साहिल एग्जाम हॉल से बाहर चला गया था।

क्राइम ब्रांच ने बताया- CCTV फुटेज में क्या दिखा

18 सितंबर को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच CCTV फुटेज में साहिल किसी चीज को देखने के लिए बार-बार नीचे झुकता दिखा।

इसके बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने उससे सवाल किया और साहिल एग्जाम हॉल से निकल गया।

CCTV के अनुसार, साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और फिर बाहर नहीं निकला। बाद में वह कमरे में मृत मिला।

क्राइम ब्रांच परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच कर साहिल की आखिरी गतिविधियों और घटना से पहले के घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। फुटेज अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला और साहिल। - फाइल फोटो

प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला और साहिल। – फाइल फोटो

पिता बोले- FIR में नाम है तो गिरफ्तारी क्यों नहीं?

साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा कि FIR में नामजद दोनों आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने सवाल किया कि अगर कार्रवाई की गई है तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।

IIT बॉम्बे ने 10 सदस्यीय कमेटी बनाई

संस्थान ने जांच के लिए 10 सदस्यीय हाईलेवल कमेटी बनाई है। कमेटी मौत से पहले की परिस्थितियों और आरोपों की जांच करेगी। इसकी अध्यक्षता IIT पालक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे। कमेटी एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी।

संस्थान ने पहले कहा- साहिल नकल करते पकड़ा था, बाद में माफी मांगी

साहिल की मौत को लेकर IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि मिड-सेमेस्टर एग्जाम के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था। संस्थान के मुताबिक, फसने ChatGPT पर प्रश्नप्रत्र अपलोड करने की कोशिश की थी।

हालांकि, 21 सितंबर को संस्थान ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लिया। IIT ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले बयान देना सही नहीं था।

IIT बॉम्बे ने स्टूडेंट्स की 18 में से 2 मांगें मानीं

साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन तीन दिन तक चला। छात्रों ने 18 सितंबर से कैंपस के मुख्य गेट के पास धरना शुरू किया था। उन्होंने साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, संबंधित प्रोफेसर पर कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, छात्रों की संस्थागत निर्णयों में भागीदारी और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई न करने समेत 18 मांगें रखीं।

20 सितंबर की रात करीब तीन घंटे की बैठक के बाद IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों के 18 सूत्री चार्टर पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, संस्थान की ओर से कहा गया कि कुछ मांगों पर नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

IIT बॉम्बे में इस साल 3 सुसाइड, देश में 9वां मामला

इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं।

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