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आगरा ग्वालियर रोड स्थित संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर अस्पताल बिना किसी पंजीकरण के ही चल रहा था। और इलाज के नाम पर यहां भ्रूण लिंग जांच का अवैध धंधा हो रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़े जाने के बाद भी प्रशासन ने अब तक अस्पताल को सील नहीं किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक अंतरराज्यीय गैंग है, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हैं। जानकारी के अनुसार संस्कार हॉस्पिटल के बाहर लगे बोर्ड पर अस्पताल का पंजीकरण नंबर तक दर्ज नहीं है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कभी इसकी जांच करना जरूरी नहीं समझा। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यहां पहले किसी और नाम से अस्पताल चलता था। यहां अक्सर गर्भवती महिलाएं आती थीं, लेकिन कभी प्रसव नहीं कराया जाता था, जिससे लोगों को शक था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए लाया जाता था। सभी महिलाएं एजेंट के जरिए अस्पताल तक पहुंचती थीं। यह पूरा नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय है। गैंग में मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के एजेंट शामिल हैं। भ्रूण लिंग जांच के लिए गैंग 90 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक वसूलता था। इस रकम में से सरगना, एजेंट और जांच करने वाले डॉक्टर व संचालक का कमीशन तय था। पीसीएनडीटी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि एक मामले में 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से 50 हजार रुपये मुख्य सरगना ने रख लिए और 40 हजार रुपये अस्पताल संचालक को दिए जाने थे। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच में जुटी है। कई अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सीएचसी प्रभारी को अस्पताल बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं और इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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भ्रूण लिंग जांच का गैंग पकड़ा,लेकिन अस्पताल सील नहीं हुआ:बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे संस्कार हॉस्पिटल, अंतरराज्यीय गैंग 90 हजार से डेढ़ लाख वसूलता था