राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस हेडक्वार्टर में शुद्धीकरण की तस्वीर दिखाई थी।
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धीकरण’ विवाद में अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने शुद्धीकरण कार्यक्रम में शामिल रहे अमित कुमार की शिकायत
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FIR नंबर 297/26 में राहुल गांधी के खिलाफ BNS की धारा 196, धारा 299 और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(q) लगाई गई है। लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस हेडक्वार्टर में शुद्धीकरण की तस्वीर दिखाई।
शिकायतकर्ता अमित कुमार ने राहुल गांधी पर उनके बयान से दलित समाज और शुद्धीकरण कार्यक्रम में शामिल लोगों के अपमान का आरोप लगाया था।
इससे पहले इस मामले में अमित कुमार और विनोद कुमार आर्य ने हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दी थी। दोनों ने आरोप लगाया था कि रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धीकरण को
8 अगस्त को खड़गे की सभा के बाद हुआ था शुद्धीकरण
दरअसल, हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। सभा के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से मैदान में गंगाजल का छिड़काव कर कथित शुद्धीकरण हवन किए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत पार्टी नेताओं ने शुद्धीकरण को लेकर अपनी बात रखी थी। कांग्रेस ने इसे भाजपा की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध किया। बाद में यह विवाद राहुल गांधी के बयानों तक पहुंच गया।
राहुल गांधी ने इस मामले को दलित सम्मान से जोड़ते हुए शुद्धीकरण की घटना पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस की ओर से इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी।

पहले कांग्रेस ने भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी
इस विवाद में कांग्रेस की ओर से भी पुलिस कार्रवाई की मांग की गई थी। कांग्रेस का आरोप था कि खड़गे के दलित होने के कारण उनके कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया गया।
अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामला दोतरफा कानूनी लड़ाई में बदल गया है। एक तरफ कांग्रेस कथित शुद्धीकरण को दलित अपमान से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शुद्धीकरण में शामिल रहे अमित कुमार ने राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।

FIR के बाद बढ़ेगी राजनीतिक गर्मी
राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति में और गरमाने के आसार हैं। कांग्रेस पहले ही इस पूरे मामले को दलित सम्मान और सामाजिक भेदभाव के मुद्दे के रूप में उठा रही है।
वहीं, अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने से भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह विवाद सामाजिक न्याय, दलित सम्मान और धार्मिक भावनाओं के मुद्दे से जुड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

FIR में लगी धाराएं और इनमें कितनी सजा
- BNS धारा 196: अलग-अलग धर्म, जाति या समुदायों के बीच वैमनस्य, नफरत या असामंजस्य बढ़ाने या सार्वजनिक शांति प्रभावित करने वाले कृत्य से संबंधित है। सामान्य मामले में 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। कुछ विशेष परिस्थितियों में सजा 5 साल तक हो सकती है।
- BNS धारा 299: किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से उसके धर्म या धार्मिक विश्वास का अपमान करने से संबंधित है। इसमें 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
- SC/ST एक्ट धारा 3(1)(q): SC/ST समुदाय के सदस्य को नुकसान या परेशानी पहुंचाने के लिए किसी लोक सेवक को झूठी या फर्जी सूचना देकर उसकी कानूनी शक्ति का इस्तेमाल करवाने से संबंधित प्रावधान है। इसके तहत कम से कम 6 महीने और अधिकतम 5 साल की सजा के साथ जुर्माना हो सकता है।
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हल्द्वानी में रामलीला मैदान के शुद्धिकरण मामले को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जवाब दिया। धामी ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को जातिगत रंग देकर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति कर रही है। (पढ़ें पूरी खबर)