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गोरखपुर के गोलघर GDA टॉवर में लगभग 3 महीने से पानी की सप्लाई, बिल्डिंग और वाशरूम में फैली गंदगी को लेकर पिछले दिनों दैनिक भास्कर की टीम ने कई बार विस्तृत खबरें चलाई। जिसके एक बाद से ही प्रशासनिक महकमें में हलचल शुरू हो गई। नतीजा यह हुआ कि लगभग एक हफ्ते के बाद पानी की समस्या दूर हो गई। अंडर ग्राउंड में चल काम में तेजी लाया गया। शनिवार की शाम से ही हर फ्लोर के वाशरूम में पानी आना शुरू हो गया। जिससे वहां काम करने वाले लोगों को काफी हद तक राहत मिली। हालांकि उनका कहना है कि गंदगी हर तरफ बरकार है। बरसात शुरू होने से पहले ही पार्किंग में जलजमाव समस्या बनी हुई है। सफाई हो जाए तो GDA टॉवर की बिल्डिंग पहले की तरह चमकने लगेगा। साथ ही हमारी शिकायत भी दूर हो जाएगी। क्या था पूरा मामला…
जानकारी के मुताबिक GDA टॉवर का अधिकार लगभग तीन महीने पहले नगर निगम को सौंप दिया गया। जिसके बाद से ही समस्या शुरू हुई। दुकानदारों के मुताबिक कैंपस के अंदर जगह कम होने के बावजूद बाहरी गाड़ियों के लिए पार्किंग स्थल बनाने से काफी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। अपनी गाड़ी पार्क करने में भी दिक्कत होती। ऊपर दुकानों के सामने बेतरतीब गाड़ियों की वजह से कस्टमर आने- जाने में असहज महसूस करते हैं। जिससे बिक्री पर असर पड़ता है। महिलाओं को हो रही थी समस्या
वहीं पानी की सप्लाई बंद हो जाने की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महिलाओं और लड़कियों को वाशरूम जाने से पहले सोचना पड़ता था। बिना पानी के सफाई न हो पाने की वजह बहुत ज्यादा गंदगी फैल गई थी। वाशरूम का बदबू ऑफिसों और दुकानों तक पहुंचने लगा। जिससे वहां काम करना मुश्किल हो गया था। महिलाएं बाहर जाकर सार्वजानिक वाशरूम का इस्तेमाल करती थी। हालांकि अब पानी से आने उन्हें सबसे ज्यादा उन्हें ही राहत मिली है। बरसात में घुटनों तक लग जाता पानी
फर्स्ट फ्लोर पर काम करने वाले अनूप मणि त्रिपाठी ने बताया कि बिल्डिंग में पानी आना शुरू हो गया है लेकिन पार्किंग की समस्या ठीक नहीं हो पाई है। बरसात आने से पहले ही इतना पानी लग गया है। बारिश के समय घुटनों तक पानी लग जाता है। जिससे कार पार्क करने और आने जाने में बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऑफिस आते वक्त ही गंदे पानी में पैर डालना पड़ता। जिससे इंफेक्शन का खतरा भी बना रहता है। साथ ही किसी क्लाइंट से मिलने से पहले भी शर्म आती है। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए। रेस्टोरेंट से फैलती गंदगी
ग्राउंड फ्लोर पर काम करने वाले सुमित पांडेय का कहना है कि एक नहीं हजार दिक्कत है। इस फ्लोर पर जो फूड कोर्ट खुले हुए हैं। उसकी वजह से बहुत ज्यादा गंदगी फैलती है। वहीं पानी और वाशरूम की समस्या भी बहुत ज्यादा है, जिसकी वजह से लेडीज स्टाफ नहीं रख पाते। उन्होंने कहा कि यंग लड़के और लड़कियां यहां आकर सिगरेट और दारू पीते हैं जिससे माहौल बहुत ही खराब हो जाता है। कई बार शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। कोई भी ऐसा वाशरूम नहीं है जो पब्लिक के यूज करने लायक हो। पार्किंग में पूरा पानी लगा रहता है। सीढ़िया सब गल रही है। कोई मेंटेनेंस नहीं है। दुकान के पीछे लाइन से बैठ कर पीते शराब
वहीं फर्स्ट फ्लोर पर दुकान चलाने वाले कासिम रजा ने कहा कि गंदगी बहुत ज्यादा फैली हुई है। यह किसी कीमत पर साफ होना चाहिए। दूसरा बीयर की दुकान की वजह से ग्रुप बनाकर लोग पीने आते है। मेरी दुकान के पीछे लाइन से बैठ जाते हैं। हाथ में बीयर की बॉटल लेकर घूमते
प्रिया ने बताया कि सबसे जरुरी है यह घूम कर बीयर पीने पर रोक लगाना है। ऑफिस के बाहर ही लड़के हो या लड़कियां बिना किसी डर के हाथन में बॉटल और सिगरेट लेकर घूमते हैं। जिसे देखकर बहुत डर लगता है। गार्ड खड़े रहते हैं लेकिन कभी कोई सेफ्टी के लोए ऊपर देखने नहीं आता। अगर कुछ यहां अनहोनी हो जाए तो सब बस खड़े होकर तमाशा देखेंगे। मैं चाहती हूं कि इन चीजों पर काम हो। क्योंकि लड़कियों के लिए ऐसा माहौल बिल्कुल भी सेफ नहीं है। 10 साल में नहीं हुआ मेंटेनेंस
सेकेंड फ्लोर पर ऑफिस चलाने वाले SK शर्मा ने कहा कि मैं 4 साल से इस बिल्डिंग में काम कर रहा हूं। शुरू से ही सफाई की कोई सुविधा नहीं है। यहां पर गार्ड बस नाम के हैं। सेफ्टी का ध्यान नहीं रखते। किसी को भी एंट्री दे देते हैं। जिससे बाहरी लोग घूस कर सिगरेट और बीयर के बॉटल फेंक देते हैं। साथ ही लड़कियां लेकर घूमने चले आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शॉप अलॉट करते वक्त हर ओनर से लाइफ टाइम मेंटेनेंस चार्ज लिया गया। लेकिन 10 साल में कुछ भी मेंटेन नहीं हुआ। उनका कहना है कि गंदगी की वजह से हमारे क्लाइंट यहां आने से कतराते हैं। इसके लिए कई शिकायत किया गया। हर बार जल्द ही ठीक करवाने का आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। मेंटेनेंस चार्ज देने को तैयार दुकानदार
वहीं कई दुकानदारों का यह कहना है कि अगर GDA और नगर निगम दोनों से संभाला नहीं जा रहा है तो हमारी एक सोसाइटी बनाए। हम खुद हर महीने मेंटेनेंस चार्ज देंगे। और सफाई का ध्यान रख लेंगे। या फिर खुद ही हमसे चार्ज ले लें लेकिन ऊपर से नीचे तक सफाई करवाने की जिम्मेदारी लें। गंदगी और पार्किंग की समस्या की वजह से हमारे क्लाइंट ऑफिस आने से कतराते हैं। जिससे बिजनेस पर भी असर करता है। बस यही मन करता है कि कहीं और ठिकाना देख लिया जाए। महिलाएं बोली- पानी सप्लाई से राहत, सफाई जरुरी
वहीं इस बिल्डिंग में काम करने वाली महिला स्निहिला, श्वेता, प्रिया और रचना का कहना है कि पानी आने बहुत ज्यादा राहत है। लेकिन वाशरूम और बिल्डिंग में गंदगी अभी भी वैसी ही है। उन पर भी काम होना चाहिए। ग्राउंड फ्लोर के विकास ने बताया कि पानी आने से राहत है लेकिन पार्किंग, वाशरूम और हर फ्लोर पर गंदगी फैली हुई है। जिस पर काम होना चाहिए। साथ ही निर्माण कार्य चलने से बेतरतीब बैरिकेटिंग लगा दी गई है। जिससे कस्टमर को आने- जाने में समस्या होती है। नगर आयुक्त ने डीप क्लीनिंग का दिया था निर्देश
तमाम शिकायतों के बाद नगर आयुक्त अजय जैन निरीक्षण करने के लिए GDA टॉवर पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों से बातचीत की और समस्या जाना। साथ ही संबंधित अधिकारी को तत्काल डीप क्लीनिंग का आदेश दिया था। हालांकि उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।
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GDA टॉवर में पानी सप्लाई शुरू:गंदगी बरकरार, दुकानदार बोले- बरसात से पहले पार्किंग में जलजमाव, हर समस्या दूर हो