झांसी में साइबर फ्रॉड की जानकारी देते टीचर अवध विहारी विश्वकर्मा।
झांसी में साइबर फ्रॉड से पीड़ित टीचर को थाने में बेइज्जत कर भगाने का मामला सामने आया है। टीचर अवध विहारी विश्वकर्मा ने कहा- मेरे साथ 2.27 लाख रुपए की साइबर ठगी हो गई थी। कई बार थाने के चक्कर काटे, मगर FIR दर्ज नहीं हुई तो मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत
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आरोप है कि इस शिकायत से इंस्पेक्टर आग बबूला हो गए। अगले दिन जब पीड़ित थाने पहुंचा तो गाली गलौच कर उसे भगा दिया। पीड़ित की दुख सुनकर पूर्व शिक्षा मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवींद्र शुक्ल का पारा चढ़ गया।
उन्होंने फेसबुक पर लिखा- कोतवाल ने गाली गलौच कर पीड़ित को थाने से भगा दिया और कहा- अब मुख्यमंत्री से ही करा लो। ऐसे गैर जिम्मेदार कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मंत्री की इस पोस्ट से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल द्वारा फेसबुक पर पोस्ट की गई। हालांकि इसे कुछ देर बाद डिलीट कर दिया गया।
अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए
अवध विहारी विश्वकर्मा दतिया गेट बाहर शारदा का बाग मोहल्ले में रहते हैं। वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्यापीठ इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य है। उन्होंने बताया- 5 जून को मेरा मोबाइल हैक हो गया। सारी कॉल अननोन नंबर पर फॉरवर्ड होने लगी।
वो अननोन नंबर बिहार का था। वही सारी कॉल रिसीव कर रहा था।इसके बाद खातों से रुपए कटने के मैसेज आने लगे। डेढ़ लाख रुपए निकलने के बाद मैंने मैसेज देखे। जब तक मैं कुछ समझ पाता, 3 खातों से 2 लाख 27 लाख रुपए निकल गए।
घर आकर 1930 पर कॉल लगाकर साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई। तब 48 हजार रुपए हाेल्ड कर दिए गए। मेरा पूरा पैसा 6 बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ। मेरे खाते में सिर्फ लगभग 400 रुपए बचे हैं।
थाने में चक्कर काटे, फिर पोर्टल पर शिकायत की
अवध विहारी ने आगे बताया- 5 जून को ही मैं कोतवाली थाने गया और FIR दर्ज करने के लिए कहा। मगर मुझे अगले दिन बुलाया गया। 11 जून तक मैं थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन FIR नहीं लिखी गई। उसी दिन मैंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर दी।
इसके अगले दिन थाने गया तो कोतवाल ने गाली गलाैच कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और थाने से भाग जाने के लिए कहा। तब मैं घर आ गया और पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल को पूरे मामले की जानकारी दी।
मंत्री ने फेसबुक पर पोस्ट करके डिलीट की
पूर्व मंत्री रवींद्र शुक्ल ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट किया। लिखा- पं दीनदयाल उपाध्याय विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अवध विहारी विश्वकर्मा के साथ अच्छी खासी साइबर ठगी हो गई है। उन्होंने कोतवाली जाकर बार-बार प्रार्थना की, मिन्नतें कीं, पर उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। अवध विहारी ने जब मुख्यमंत्री पाेर्टल पर शिकायत की। फिर कोतवाली गए तो कोतवाल द्वारा उन्हें गाली गलौच करके भगा दिया। कहा- अब मुख्यमंत्री से ही करा लो। हद हो गई, जिम्मेदार अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि संज्ञान लें और ऐसे गैर जिम्मेदार कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें। धैर्य की सारी सीमाएं टूट रही हैं।
कुछ देर बाद ही मंत्री ने पोस्ट डिलीट की

पूर्व मंत्री ने अपनी पहली पोस्ट डिलीट करके दूसरी पोस्ट डाली।
पूर्व मंत्री के इस पोस्ट के बाद हड़कंप मच गया और स्क्रीनशॉट झांसी में शेयर होने लगा। अफसरों ने भी उनसे संपर्क साधा। इसके बाद पूर्व मंत्री ने पोस्ट को डिलीट कर दिया। दूसरी पोस्ट भी डाली। लिखा- वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मेरी पोस्ट का संज्ञानन लेने एवं संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने का वचन देने पर मैं अवध विहारी विश्वकर्मा के लिए प्रेषित पोस्ट हटा रहा हूं।
SSP ने पीड़ित से बात की, आज बुलाया
पीड़ित अवध विहारी ने बताया- मंत्री के पोस्ट डालने के कुछ देर बाद एसएसपी का मेरे पास फोन आया। उन्होंने मेरी पूरी बात सुनी और कार्रवाई का आश्वसन दिया। मुझे सोमवार को एसएसपी ऑफिस बुलाया है। भरोसा दिया है कि FIR हो जाएगी।
कोतवाल बोले- सारे आरोप झूठे हैं
कोतवाल राजेश कुमार ने बताया- पूर्व मंत्री ने गलत पोस्ट डाली है। मुझपर लगाए जा रहे सारे आरोप झूठे हैं। मैंने न तो FIR से मना किया और न ही किसी को गाली देकर थाने से भगाया है। पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि साइबर फ्रॉड हुआ है या फिर टीची ने खुद पैसे ट्रांसफर किए हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाइ की जाएगी।