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अयोध्या में लेखपालों का कार्य बहिष्कार बुधवार, 26 अगस्त को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के साथ हुई वार्ता के बाद देर शाम को समाप्त हो गया। लेखपाल विभिन्न मांगों और एंटी करप्शन ट्रैपिंग प्रकरण में की गई कार्रवाई के विरोध में हड़ताल पर थे।जनपद के लेखपाल शुक्रवार, 21 अगस्त से धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार कर रहे थे। यह आंदोलन पांच दिनों तक चला। लेखपाल संघ की प्रमुख आपत्तियों में एंटी करप्शन टीम की ट्रैपिंग कार्रवाई के दौरान संबंधित इंस्पेक्टर द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से कार्रवाई किए जाने का मामला शामिल था। इसके अतिरिक्त, लेखपालों ने अपनी अन्य समस्याओं और मांगों को लेकर भी अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी थी। बुधवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने लेखपालों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने की बात भी कही। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेखपालों से जुड़े प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत भी दी। जिलाधिकारी के आश्वासन और वार्ता के बाद लेखपाल संघ ने कार्य बहिष्कार समाप्त करने का निर्णय लिया। इससे जिले में राजस्व संबंधी कार्यों के प्रभावित होने की स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत समाधान नहीं किया गया, तो वे दोबारा आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। संघ के पदाधिकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में पुनः धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
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DM के प्रयास से लेखपालों की हड़ताल समाप्त:वार्ता के बाद कार्य बहिष्कार लिया वापस, 21 अगस्त से चल रहा था धरना प्रदर्शन