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मुंबई5 मिनट पहले
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दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और NCP (SP) नेता व महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है।
नोटिस में दोनों नेताओं से उनके बयानों को वापस लेने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और 500 करोड़ रुपए का हर्जाना देने की मांग की गई है। दोनों को इसके लिए 7 दिन का समय दिया गया है।
28 साल की दिशा एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी 8 जून 2020 को मुंबई की एक बिल्डिंग से गिरने के कारण मौत हुई थी। दिशा की मौत के 6 दिन बाद 14 जून एक्टर सुशांत सिंह की भी मौत हो गई थी।
पिता का आरोप- न्याय की मांग को राजनीतिक बताया
सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के बयानों से उनकी बेटी की मौत की दोबारा जांच की मांग करने की उनकी कोशिशों को राजनीतिक बताया गया।
नोटिस में कहा गया है कि सतीश अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनके इस प्रयास को राजनीतिक मकसद से जोड़ना उनकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने वाला है।
नोटिस में दोनों नेताओं से ‘बिना शर्त, स्पष्ट और सार्वजनिक माफी’ मांगने की बात कही गई है। यह माफी प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया के जरिए सार्वजनिक करने के साथ ही उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पोस्ट करने की मांग की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो के जरिए कम से कम 3 मिनट की माफी की मांग भी की गई है।
आदित्य बोले- दिशा से कभी मिला ही नहीं
यह नोटिस आदित्य ठाकरे के 16 सितंबर के बयान के बाद आया है। CBI की FIR में नाम आने के बाद आदित्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और उनकी कोई जान-पहचान नहीं थी।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब 6 साल से राजनीतिक और निजी वजहों से उनका नाम दिशा की मौत से जोड़ा जा रहा है। आदित्य ने इसे बिना सबूत का अभियान बताते हुए कहा कि इससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले की दोबारा जांच आधिकारिक एजेंसियों को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के करनी चाहिए।
देशमुख के बयान पर भी आपत्ति
कानूनी नोटिस में अनिल देशमुख के पुराने बयान का भी जिक्र किया गया है। नोटिस के मुताबिक, 23 मार्च 2025 को देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था।
सतीश सालियान का कहना है कि ऐसे बयानों से उनकी ओर से की जा रही कानूनी और जांच की मांग को गलत तरीके से पेश किया गया।
CBI ने 14 सितंबर को दर्ज की FIR
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब CBI ने 14 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के ताजा जांच के निर्देश के बाद हुई। हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को CBI को मामले में FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था।
CBI की जांच का मकसद 2020 में हुई दिशा की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच करना है। शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने इसे (ADR) के तौर पर दर्ज किया था।
पिता ने हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका
दिशा के पिता सतीश सालियान ने बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने बेटी की मौत की दोबारा जांच और FIR दर्ज करने की मांग की थी।
उनकी याचिका में कुछ लोगों की भूमिका की जांच की मांग भी की गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI को मामले की नए सिरे से जांच की जिम्मेदारी मिली और 14 सितंबर को FIR दर्ज की गई।
FIR में कई नाम, लेकिन नाम आना अपराध साबित होना नहीं
CBI की FIR में आदित्य ठाकरे के अलावा अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कई लोगों के नाम बताए गए हैं। जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों, मेडिकल स्टाफ और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
