विदेशी छात्रों के एडमिशन को लेकर चर्चा करते विवि के अधिकारी।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शैक्षणिक सत्र 2026 में प्रवेश के लिए 12 देशों के 177 विदेशी छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। इनमें दक्षिण एशिया, अफ्रीका और खाड़ी देशों के विद्यार्थियों की संख्या उल्लेखनीय है। विश्वविद्यालय के अनु
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एमबीए और बीबीए समेत कई कोर्सों के लिए आए आवेदन।
आधुनिक सुविधाओं ने बढ़ाया आकर्षण
विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक मानकों के अनुरूप अपने शैक्षणिक और शोध ढांचे को मजबूत किया है। परिसर में विदेशी छात्रों के लिए सुरक्षित और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय छात्रावास की व्यवस्था भी की गई है। अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय की इंटरनेशनल रिलेशंस एंड एकेडमिक कोऑपरेशन (आईआरएसी) सेल काउंसलिंग, ई-वीजा और अन्य औपचारिकताओं में सहयोग प्रदान कर रही है। प्रवेश प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।
शोध और वैश्विक सहयोग पर फोकस
अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं शैक्षणिक सहयोग प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. विकास सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शैक्षणिक समझौते (एमओयू) किए हैं। इन समझौतों के माध्यम से छात्रों और शोधार्थियों को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डीन प्रो. सुधांशु पांडया ने कहा कि विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव प्रवेश प्रक्रिया में देखने को मिल रहा है।
केवल डिग्री देना उद्देश्य नहीं
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना है। इसके लिए उन्हें सुरक्षित, आधुनिक और शोध आधारित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।