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- Cockroach Janata Party Press Conference | Chhatrapati Sambhajinagar Update
4 मिनट पहले
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CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया को संबोधित किया।
जंतर-मंतर पर 36 दिन तक चले आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपनी अगली रणनीति तय करने में जुट गई है।
छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी कोर कमेटी की दो दिन की बैठक का बुधवार को दूसरा दिन है। बैठक में संगठन विस्तार, देशभर में जनआंदोलनों की रूपरेखा और बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, नीट परीक्षा जैसे मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है।
पार्टी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह फिलहाल चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) के रूप में काम करेगी। गुरुवार दोपहर 2 बजे संस्थापक अभिजीत दीपके प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक के फैसलों और आगे की योजना का ऐलान कर सकते हैं।

छत्रपति संभाजीनगर में CJP की कोर कमेटी की बैठक में दीपके, सौरव दास सहित 13 लोग शामिल हुए।
अभिजीत दीपके बोले- पॉलिटिकल पार्टी नहीं बनाएंगे
बैठक के पहले दिन CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ किया कि पार्टी फिलहाल चुनावी राजनीति में नहीं उतरेगी। उन्होंने कहा कि देश को इस समय किसी नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक मजबूत दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) की जरूरत है।
दीपके के मुताबिक, जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता का कारण यह था कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग एक साझा मुद्दे पर साथ आए। उन्होंने बताया कि बैठक में जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, ई-20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था, संगठन विस्तार और देशभर में आगे के आंदोलनों की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।

36 दिन तक जंतर-मंतर पर चला CJP का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान हजारों छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन में शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे।
20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।

CJI के बयान के बाद ऑनलाइन कैंपेन से बनी कॉकरोच पार्टी
सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसके बाद अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अभिजीत दीपके ने विरोध के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक सटायर, यानी व्यंग्य के तौर पर ऑनलाइन अभियान शुरू किया।
सोशल मीडिया पर यह अभियान तेजी से वायरल हुआ और बड़ी संख्या में छात्र इससे जुड़ते गए। देखते ही देखते यह ऑनलाइन मुहिम एक संगठित छात्र आंदोलन में बदल गई। इसके बाद दीपके ने नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
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कॉकरोच पार्टी ने स्टूडेंट्स की लीगल मदद के लिए फंड बनाया

कॉकरोच जनता पार्टी ने 27 जुलाई को पेपर लीक आंदोलन के बाद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने की घोषणा की थी।
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इस कोष में योगदान देने की अपील की थी।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया था कि इस मामले में CJP सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें…
