BHU में शिक्षकों के विरोध मामले में कमेटी गठित:18 भी तक पेश होने का दिया गया आखरी मौका,25 शिक्षकों को दिया गया है नोटिस


बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय में हंगामा और अनुशासनहीनता के मामले में गठित जांच कमेटी ने शिक्षकों को सुनवाई के लिए एक और मौका दिया है। 11 मई को शिक्षकों के नहीं पहुंचने के बाद अगली सुनवाई की तिथि 18 मई तय की गई है। हालांकि शिक्षकों पर जांच के बिंदु भी बढ़ाकर पांच कर दिए गए हैं। दरअसल,पहली अप्रैल को लगभग डेढ़ सौ शिक्षकों ने केंद्रीय कार्यालय में कुलपति से मिलने की मांग रखी थी। समिति कक्ष में शाम को पहुंचे शिक्षक देररात तक वहीं जमे रहे। इस दौरान काफी शोरशराबा हुआ। शिक्षकों की कुलपति से मुलाकात तो नहीं हो सकी मगर इस मामले में जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया। यह लोग करेंगे जांच चार सदस्यीय कमेटी के अध्यक्ष जूलॉजी के डिस्टिंग्विश प्रो. एससी लखोटिया हैं जबकि प्रो. एमपी अहिरवार, प्रो. आनंद चौधरी और डिप्टी रजिस्ट्रार (शिक्षण) रंजीत शांडिल्य बतौर सदस्य शामिल हैं। कमेटी ने लगभग 25 शिक्षकों को नोटिस देकर 11 मई को अपराह्न 3 बजे पेश होने के आदेश दिए। पदोन्नति को लेकर शिक्षकों ने किया था विरोध हालांकि शिक्षकों ने सुनवाई में जाने के स्थान पर डिप्टी रजिस्ट्रार को ज्ञापन देकर कमेटी के गठन की आधिकारिक सूचना और आरोपों के बारे में जानकारी न होने की बात कही। कमेटी की तरफ से अब शिक्षकों को अगला नोटिस भेजा गया है जिसमें पांच बिंदुओं पर आरोपों की जानकारी दी गई है। बता दें कि शिक्षकों ने बीएचयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा गठित ग्रीवांस कमेटी की गोपनीयता भंग होने सहित इंक्रीमेंट, पूर्व सेवा गणना, पीडीएफ एवं डीएसीपी जैसे बिंदुओं पर विरोध जताया था।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *