भोजपुर में पुलिस पर पिस्टल तानने और फायरिंग करने वाले भरत तिवारी का बुधवार को एनकाउंटर कर दिया गया। पुलिस के एक्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। भरत के गांव वालों का कहना है कि सरेंडर करने के बाद भी उसे 4 गोलियां मारी गईं।
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गुरुवार को गुस्साए गांव वालों ने भरत तिवारी के शव रखकर आरा-बक्सर फोनलेन को 5 घंटे तक जाम कर दिया।
सड़क से जाम हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
लोगों का कहना है कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं था। जब उसने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था तब पुलिस ने उसे 4 गोली क्यों मारी। गोली मारनी भी थी तो घुटने के नीचे मारनी चाहिए थी, लेकिन गोली जांघ के ऊपर मारी गई।

अब सड़क जाम और बवाल की तस्वीरें देखिए

एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी का शव रखकर गांव वालों ने सड़क जाम कर दिया।

पुलिस ने लाठीचार्ज कर बक्सर-आरा फोरलेन को खाली कराया।

लोगों का कहना है कि भारत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच हो।
अब जानिए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर की पूरी कहानी क्या है
कहानी की शुरुआत रविवार-सोमवार से होती है। गांव के लोगों के मुताबिक, भरत ने प्रशासन पर बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत न पहुंचाने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और पदाधिकारियों को अपशब्द कहे थे। मामले की जानकारी के बाद सोमवार को शाहपुर थाना की पुलिस भरत के घर पहुंची।
भरत की मां का कहना है कि जब पुलिस आई, तब मेरा बड़ा बेटा घर पर नहीं था। इस दौरान शाहपुर थाने की पुलिस ने हम लोगों को धमकाया, गालियां दी। पुलिस ने धमकी देते हुए कहा- तुम लोगों को एक-एक कर खत्म करेंगे, फिर भूषण को मारेंगे।
आशा देवी के मुताबिक, इस घटना के बाद भरत कहीं से पिस्टल लेकर घर आ गया। मंगलवार को दोबारा पुलिस भरत को ढूंढते हुए घर आई तो भरत ने पिस्टल निकाल कर पुलिसकर्मियों पर तान दी।
सबसे पहले घटना से जु़ड़ी 3 तस्वीरें देखिए

मंगलवार को पुलिस जब भरत भूषण तिवारी को समझाने पहुंची तो उसने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तान दी।

मां आशा देवी की ओर से समझाने के बाद भरत बिस्तर पर बैठकर शाहपुर थाने के एसएचओ से बात करता रहा। इस दौरान उसके हाथ में अवैध पिस्टल थी।

जब पुलिस जाने लगी, तब भी भरत ने पुलिसकर्मियों पर पिस्टल तानकर धमकी दी।
छत से पुलिस वालों पर की फायरिंग
बुधवार की सुबह जब भरत को पता चला कि पुलिस ने उसके घर की घेराबंदी की है, तो वो अपने घर की छत पर चला गया। फेसबुक लाइव आकर पुलिसकर्मियों को धमकाया, गालियां दी और फायरिंग भी की।
भरत की ओर से फायरिंग के बाद पुलिसकर्मी पीछे हट गए। इसके बाद भरत बाइक से घर से करीब 2 किलोमीटर दूर बाढ़ प्रभावितों लोगों के पास चला गया। इसी दौरान पुलिस भी वहां पहुंच गई।
इसके बाद भरत दोबारा फेसबुक लाइव आया। पुलिसकर्मियों से अपनी मांगों को पूरा करने की डिमांड की। भरत ने पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाब में पुलिस की ओर से भी गोली चलाई गई।
थोड़ी देर बाद भरत ने अपना पिस्टल पुलिस के सामने फेंक दिया और सरेंडर करने की बात कही। फिर उसने फेसबुक लाइव बंद कर दिया।

बुधवार सुबह घर की छत से पुलिस पर भरत तिवारी ने पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग की थी।

बाढ़ प्रभावितों को जहां रखा गया है, वहां पुलिस पर फायरिंग करता भरत भूषण तिवारी।

फेसबुक लाइव के दौरान वो पुलिस के सामने हथियार फेंक देता है और फेसबुक लाइव बंद कर देता है।
पुलिस बोली- जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की गई
पुलिस का कहना है कि हथियार फेंकने के बाद भरत की ओर जैसे ही पुलिस की टीम बढ़ी, भरत ने दोबारा हथियार उठाने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।

पैर में गोली लगने के बाद भरत को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे PMCH रेफर कर दिया गया।
पुलिस की ओर से फायरिंग में तीन गोली उसके पैरों में लगी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के बाद पटना के पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पटना पीएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
SDM को दी थी धमकी
भरत तिवारी उर्फ भारत की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। तस्वीर में वो अवैध पिस्टल के साथ दिखाई दे रहा था। इसकी शिकायत भोजपुर एसपी से की गई थी। एसपी के निर्देश पर शाहपुर थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ आरोपी के घर पहुंचे थे।
पुलिस जांच में पता चला युवक पिछले कुछ दिनों से अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर बहुत एग्रेसिव पोस्ट कर रहा था। एक पोस्ट में उसने जगदीशपुर के एसडीएम के एनकाउंटर की बात लिखी थी।
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एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की मां का कहना है कि’मेरा बेटा पागल नहीं था, पुलिस ने उसे पागल बताया है। मेरे बेटे ने बीएससी परीक्षा पास की। नौकरी की काफी कोशिश की, लेकिन जॉब नहीं मिली, तो समाज की सेवा के लिए 10 साल पहले ही घर-परिवार त्याग दिया और अपना पिंडदान कर लिया। पूरी खबर पढ़ें