BBAU Leadership Summit Lucknow | VC Raj Kumar Mittal Focus Innovation

लखनऊ में हायर एजुकेशन लीडरशिप समिट में शामिल हुए BBAU कुलपति प्रो.राज कुमार मित्तल।

उच्च शिक्षा संस्थानों को इनोवेशन अपनाने, आपसी सहयोग बढ़ाने और छात्रों को तेजी से बदलती दुनिया के लिए तैयार करने पर ध्यान देना होगा। यह बात बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी (BBAU) के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कही। वह लखनऊ में आयोजित हायर एज

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‘शेपिंग द नेक्स्ट डिकेड’ थीम पर हुए सम्मेलन में लखनऊ के 20 कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें उच्च शिक्षा की दिशा, संस्थानों के सामने आने वाली चुनौतियों और आने वाले वर्षों में छात्रों के अनुभव को बेहतर बनाने की जरूरतों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम के दौरान इनोवेशन बढ़ाने पर फोकस दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान इनोवेशन बढ़ाने पर फोकस दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की डायरेक्टर डॉ. सुषमा विश्नानी के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद उद्घाटन सत्र में प्रो. राज कुमार मित्तल ने विचार रखे। सम्मेलन में उच्च शिक्षा को लेकर दो पैनल चर्चाएं भी हुईं।

तकनीक के साथ बदलना होगा पाठ्यक्रम

पहली पैनल चर्चा ‘अगले दशक के लिए हायर एजुकेशन को फिर से सोचना’ विषय पर हुई। इसमें तकनीक में तेजी से हो रहे बदलाव और दुनिया की नई जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम में बदलाव पर जोर दिया गया। जलवायु परिवर्तन, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस और 2030 तक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। शिक्षा में स्थायित्व और मानवता को शामिल करने की जरूरत बताई गई।

संस्थानों के बीच सहयोग पर जोर

दूसरी पैनल चर्चा ‘कोलेबोरेशन के जरिए भविष्य के लिए तैयार इंस्टीट्यूशन बनाना’ विषय पर हुई। इसमें संस्थानों के बीच सहयोग, संसाधनों को साझा करने और एकेडमिक व इंडस्ट्री के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। पाठ्यक्रम विकास, संसाधनों के साझा इस्तेमाल और कम्युनिटी आउटरीच में संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई गई।

जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की डायरेक्टर डॉ. सुषमा विश्नानी ने कहा कि उच्च शिक्षा के सामने मौजूद सवाल किसी एक कैंपस तक सीमित नहीं हैं। इसमें यह भी शामिल है कि छात्रों को काम के लिए कैसे तैयार किया जाए और तकनीक लर्निंग को किस तरह बदल रही है। उन्होंने कहा कि संस्थानों के लीडर्स के साथ शिक्षकों के योगदान को पहचानना भी जरूरी है।

इस दौरान कई एक्सपर्ट मौजूद रहे।

इस दौरान कई एक्सपर्ट मौजूद रहे।

ये संस्थान भी हुए शामिल

सम्मेलन के अंत में रिवॉर्ड एंड रिकग्निशन सेरेमनी हुई। इसमें उच्च शिक्षा में योगदान के लिए एकेडमिक लीडर्स और फैकल्टी सदस्यों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज, आईटी पीजी कॉलेज, नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ यूनिवर्सिटी, केकेसी, श्री जय नारायण मिश्रा पीजी कॉलेज समेत 20 संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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