विजय पाठक | अयोध्या3 मिनट पहले
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अयोध्या जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। अब तक करीब 25,500 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अगले तीन सालों में जिले की एक लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने महिलाओं की पहचान और प्रशिक्षण की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जिले के सभी 11 ब्लॉकों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की पहचान की जा रही है। सभी ब्लॉकों को इसके लिए लक्ष्य दिए गए हैं। पहचान के बाद महिलाओं की रुचि, क्षमता और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर महिलाओं को उनके हुनर के अनुसार रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी कई महिलाएं बीसी सखी, बीसी विद्युत और बीसी कृषि जैसी गतिविधियों से सालाना एक लाख रुपये या उससे ज्यादा कमा रही हैं। इसके अलावा, महिलाओं को कृषि, कुटीर एवं लघु उद्योग, डेयरी, तकनीकी काम और कंप्यूटर से जुड़े कामों के लिए भी प्रशिक्षण मिलेगा।
साल 2024 में जिले को करीब 30 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य मिला था। इसके मुकाबले बड़ी संख्या में महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। अब नए लक्ष्य के तहत ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की आय बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
जिला मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार वर्मा ने बुधवार को बताया कि योग्य महिलाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का काम चल रहा है। उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की रुचि और कौशल के हिसाब से प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाने के मौके दिए जाएंगे।
