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शाहजहांपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने जिला समन्वयक निश्चय सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर अरुण कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। यह कार्रवाई सोमवार शाम को की गई। आरोप है कि इन दोनों ने एक शिक्षिका की वेतन वृद्धि संबंधी पत्रावली के निस्तारण के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी। शिक्षिका ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पीड़ित शिक्षिका रेनू शुक्ला कंपोजिट विद्यालय पैना बुजुर्ग में कार्यरत हैं। नवंबर माह में उन्हें दो मिनट देरी से आने पर वेतन वृद्धि रोक दी गई थी। इसके बाद उनकी वेतनमान भी रोक दिया गया था। शिक्षिका के पति कपिल अवस्थी ने बताया कि बीईओ भावलखेड़ा ने चार लोगों की वेतन वृद्धि और तीन लोगों की एक दिन की सैलरी रोकने की कार्रवाई की थी। कपिल अवस्थी के अनुसार,उनकी पत्नी से इस मामले के निस्तारण के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास है।रुपये न देने पर आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी,जिसे बीएसए ने भी संस्तुति कर आगे बढ़ा दिया था। सोमवार शाम करीब छह बजे जब शिक्षिका रिश्वत की रकम देने पहुंचीं,तो एंटी करप्शन टीम ने बीएसए कार्यालय के अंदर से दोनों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम दोनों को सदर थाने ले गई,जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई।देर रात तक लिखापढ़ी के बाद टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ बरेली ले गई। पीड़िता के पति ने बीएसए कार्यालय में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान भी रुपयों की मांग की जाती है। इस मामले पर बीएसए ने अपने सीयूजी नंबर पर कॉल रिसीव करना बंद कर दिया है। फिर बीएसए के बाबू के द्वारा हम लोगों से रुपये की मांग की जा रही थी कि अपनी वेतन वृद्धि ठीक कराना चाहते हो तो पैसे दो वरना वेतनमान भी रूक जाएगा और उसके बाद रोक भी दिया।
उन्होनें ने बताया कि छह महीने बीतने के बाद भी कोई निष्कर्ष नही निकाला। वेतनमान और वेतन वृद्धि की कार्रवाई निरस्त करने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। आरोप है कि उनकी पत्नी को प्रदीप बाबू ने स्कूल में जाकर के भी धमकाया था। उनकी मांग है कि पत्नी समेत जितने लोगों का वेतनमान और वेतन वृद्धि रोकी गई है उसको बहाल की जाए।
उनका आरोप है कि बीएसए आफिस में बहुत भ्रष्टाचार है। जब ये लोग निरीक्षण करने जाते हैं तो पैसे की डिमांड की जाती है। जिस विद्यालय में मेरी पत्नी पढ़ाती हैं ।उस विद्यालय से भी काफी रूपया लिया गया ।ये पैसा बीएसए का बाबू लेता है। उनका आरोप है कि बीएसए के इशारे पर ये सब हो रहा है।
इस मामले में पीड़िता के पति ने सीधे तौर पर बीएसए दिव्या गुप्ता के इशारे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जब इस मामले में बीएसए से उनका पक्ष जानने के लिए उनके सीयूजी नंबर पर फोन किया तो उन्होंने काॅल रिसीव नही की।
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