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देवरिया मेडिकल कॉलेज गेट पर एक 12 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने निजी एंबुलेंस चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस चालक ने कमीशन के लालच में बच्ची को गलत अस्पताल में भर्ती कराया, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद परिजनों ने शव को सड़क किनारे रखकर हंगामा किया। मृत बच्ची की पहचान गायत्री (12) पुत्री राम विजय के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीतामढ़ी (बिहार) के कोइली गांव की निवासी थी और वर्तमान में देवरिया की न्यू कॉलोनी में रहती थी। परिजनों के अनुसार, गायत्री टीबी से पीड़ित थी। वह अपनी मां के साथ दिल्ली से एक रिश्तेदारी में शामिल होने जा रही थी, जब उसे गोरखपुर रेलवे स्टेशन से रिसीव किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि देवरिया मेडिकल कॉलेज गेट पर मौजूद निजी एंबुलेंस चालकों ने उन्हें बहला-फुसलाकर गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों का कहना है कि वे बच्ची को किसी अन्य चिकित्सक के पास ले जाना चाहते थे, लेकिन एंबुलेंस चालक ने कमीशन के लालच में उन्हें जबरन दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक, निजी अस्पताल में रातभर इलाज के नाम पर उनसे लगभग एक लाख रुपये खर्च कराए गए। हालांकि, सुबह डॉक्टरों ने बच्ची को घर ले जाने की सलाह दे दी। इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद परिजन शव लेकर देवरिया लौटे और मेडिकल कॉलेज गेट के पास सड़क किनारे शव रखकर एंबुलेंस चालक की तलाश करने लगे, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ितों के बयान दर्ज किए तथा घटना का वीडियो भी बनाया। पुलिस ने परिजनों को सदर कोतवाली में तहरीर देने की सलाह दी है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। परिजनों ने निजी एंबुलेंस और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही तथा आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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देवरिया में 12 साल की बच्ची की मौत:परिजन बोले- एंबुलेंस वाले कमीशन के लिए गलत अस्पताल लेकर गए