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सिद्धार्थनगर में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मयंक कुशवाहा से 24 लाख 90 हजार 794 रुपये की ऑनलाइन ठगी हुई है। साइबर ठगों ने उन्हें घर बैठे कमाई का लालच दिया था। इस मामले में 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। ठगों ने पहले फेसबुक के जरिए डॉ. मयंक से संपर्क किया। इसके बाद व्हाट्सएप पर बातचीत कर उन्हें ‘क्लब एलीट-21’ नाम के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए कहा गया। उन्हें निवेश पर बोनस और मुनाफे का भरोसा दिलाया गया। 27 सितंबर से 9 अक्टूबर के बीच अलग-अलग चरणों में रकम ट्रांसफर कराई गई। असिस्टेंट प्रोफेसर के खाते से 34 और उनके रिश्तेदारों के खातों से चार, कुल 38 ट्रांजैक्शन हुए। डॉ. मयंक वाराणसी के रहने वाले हैं। पहले निवेश का स्क्रीनशॉट भेजा, फिर बोनस का मैसेज दिखाया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खाता बनाने के बाद उसे संचालित करने के लिए प्रेरित किया गया। शिकायत में बताया गया कि डॉ. मयंक को 1 लाख 41 हजार 714 रुपये के निवेश से जुड़ा स्क्रीनशॉट भेजा गया। इसके बाद उनके भारतीय स्टेट बैंक के खाते में 20 डॉलर यानी करीब 2 हजार रुपये का बोनस जमा होने का मैसेज दिखाया गया। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने से कमाई होने का भरोसा हुआ। 401 डॉलर यानी करीब 38,400 रुपए क्रेडिट इसके बाद रकम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले 100 डॉलर यानी करीब 9,750 रुपये क्लब एलीट-21 के बताए गए खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 401 डॉलर यानी करीब 38,400 रुपये क्रेडिट होने का मैसेज दिखाया गया। बोनस और मुनाफे से जुड़े संदेशों के जरिए भरोसा कायम किया गया। इसके बाद भी अलग-अलग ट्रांजैक्शन कराए जाते रहे। शिकायत के मुताबिक, मुनाफे और रकम वापस मिलने का भरोसा देकर पीड़ित को लगातार पैसे ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया गया। 27 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 के बीच रकम ट्रांसफर कराने का सिलसिला चला। इस दौरान डॉ. मयंक कुशवाहा के खाते से 34 ट्रांजैक्शन किए गए। इसके अलावा उनके रिश्तेदारों के खातों से भी चार ट्रांजैक्शन कराए गए। इस तरह कुल 38 ट्रांजैक्शन के जरिए 24 लाख 90 हजार 794 रुपये ट्रांसफर कराए गए। ठगी की रकम में पीड़ित के अपने खाते से ट्रांसफर हुई धनराशि के साथ रिश्तेदारों के खातों से भेजी गई रकम भी शामिल है। ट्रांजैक्शन से जुड़े स्क्रीनशॉट उपलब्ध हालांकि, उपलब्ध दस्तावेज में प्रत्येक ट्रांजैक्शन की अलग-अलग धनराशि और सभी प्राप्तकर्ता खातों का पूरा विवरण स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है। जब डॉ. मयंक को ठगी का पता चला तो उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए। साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज मामले में 13 अक्टूबर 2026 को सिद्धार्थनगर के साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किया गया। शिकायत में ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के नाम पर धोखाधड़ी कर 24 लाख 90 हजार 794 रुपये ट्रांसफर कराने की बात कही गई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच निरीक्षक पंकज कुमार सिंह को सौंपी गई है। जांच में फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करने वाले लोगों, क्लब एलीट-21 प्लेटफॉर्म तथा रकम ट्रांसफर किए गए बैंक खातों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जानी है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर से 24.90 लाख की साइबर ठगी:सिद्धार्थनगर में घर बैठे कमाई का दिया झांसा, 38 ट्रांजैक्शन में उड़ाए रुपये