वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर1 मिनट पहले
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DIG सहारनपुर अभिषेक सिंह।
मुजफ्फरनगर में नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में पकड़े गए अंबा विहार निवासी शाजेब सिद्दीकी को अदालत से राहत नहीं मिली। एडीजे-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने उसकी 15.40 लाख रुपए की नकदी रिलीज करने की अर्जी खारिज कर दी।
अदालत ने NDPS एक्ट के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं होने पर सवाल उठाए। साथ ही तत्कालीन SSP-SP सिटी समेत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को आदेश की प्रति भेजने के निर्देश दिए।

एडीजे-3 के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर।
2024 में नशीली दवाओं के साथ हुई थी गिरफ्तारी
नगर कोतवाली पुलिस ने 2 फरवरी 2024 को शाजेब सिद्दीकी और उसके साथियों को नशीली दवाओं के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से कारों, नशीले कैप्सूल और इंजेक्शनों के साथ कुल 23 लाख 69 हजार 800 रुपए की नकदी बरामद हुई थी।
इस मामले में सह आरोपी अनुज की 5.50 लाख रुपए की नकदी पहले ही रिलीज हो चुकी है। शाजेब ने अपनी 15.40 लाख रुपए की रकम रिलीज कराने के लिए अदालत में अर्जी दी थी। वह इससे पहले हाईकोर्ट भी गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसने दोबारा विचारण न्यायालय में अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

तत्कालीन CO सिटी व्योम बिंदल
NDPS एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं होने पर सवाल
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों और नकदी की बरामदगी के बावजूद NDPS एक्ट के अध्याय-5ए के तहत कथित रूप से अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की पहचान, जब्ती और समपहरण की कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने टिप्पणी की कि इस प्रक्रिया का पालन नहीं होने से आरोपियों को बरामद रकम रिलीज कराने का लाभ मिल सकता था।

तत्कालीन SP सिटी सत्यनारायण प्रजापति।
तत्कालीन SSP समेत 6 पुलिसकर्मियों की भूमिका का उल्लेख
अदालत ने तत्कालीन SSP और वर्तमान में DIG सहारनपुर अभिषेक सिंह, तत्कालीन SP सिटी सत्यनारायण प्रजापति, तत्कालीन CO सिटी व्योम बिंदल, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह चौहान, विवेचक संजय गिरी और बरामदगी करने वाले उपनिरीक्षक विनोद कुमार की भूमिका का उल्लेख किया।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर मुख्य सचिव गृह और केंद्र सरकार के संबंधित विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं।
