मिशन शक्ति अभियान, पैदल मार्च में शामिल हुए 50,000 लोग:11 से 20 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, 2020 में हुई थी शुरुआत


शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के लिए उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान 6.0 चलाया जा रहा है। इसके तहत 11 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 75 जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में एक साथ पैदल मार्च और महिला सुरक्षा जागरूकता रैलियां निकाली गईं। इन कार्यक्रमों में 51,858 लोगों ने हिस्सा लिया। अभियान के दौरान महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा से जुड़े कानूनों और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, महिला कर्मचारियों और स्कूली छात्राओं ने भाग लिया। पुलिस विभाग के साथ पीआरडी, होमगार्ड, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, शिक्षक, डॉक्टर, नर्स और सफाईकर्मियों की महिला टोलियों ने भी जागरूकता कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रमुख स्थानों से निकाले गए मार्च में महिला सुरक्षा से जुड़े पोस्टर-बैनर लगाए गए। वहीं, एलईडी वाहनों के माध्यम से लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर लोगों को जागरूक किया गया। 75 जिलों में एक साथ चला अभियान महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान 6.0 के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 1,362 जनप्रतिनिधियों और 902 वरिष्ठ अधिकारियों ने भागीदारी की। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 1,539 विद्यालयों और महाविद्यालयों को भी शामिल किया गया। इनके माध्यम से छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई, ताकि महिला सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा संदेश युवाओं तक भी पहुंचे। पैदल मार्च के दौरान 1,328 महिला टोलियों ने हिस्सा लिया। जागरूकता कार्यक्रमों में 197 एलईडी वाहनों का इस्तेमाल किया गया, जिनके माध्यम से 1,139 लघु फिल्में दिखाई गईं। इसके अलावा 10,429 पोस्टर और बैनर प्रदर्शित किए गए तथा 88,298 प्रचार सामग्री वितरित की गईं। 20 अक्टूबर तक चलेगा अभियान मिशन शक्ति अभियान 6.0 का संचालन 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को दस दिवसीय कार्ययोजना भेजी गई है। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों के समन्वय से स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना, उन्हें अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना तथा समाज में महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है। पुलिस और छात्राओं की संयुक्त भागीदारी के जरिए इन कार्यक्रमों को व्यापक जनसंपर्क अभियान का रूप देने की कोशिश की जा रही है। 2020 से चल रहा है मिशन शक्ति महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020 से मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसके पहले पांच चरण पूरे हो चुके हैं। अब छठे चरण के तहत विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश पुलिस के मुताबिक, मिशन शक्ति अभियान महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से न केवल महिलाओं को जागरूक करने, बल्कि महिला सुरक्षा के प्रति समाज की जिम्मेदारी और भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *