कुशीनगर में जिला स्वच्छता समिति की बैठक:आरआरसी नियमित चलाने, प्लास्टिक से सड़क बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश


कुशीनगर में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब कूड़ा उठान, कचरे के पृथक्करण और निस्तारण से लेकर सामुदायिक शौचालयों के संचालन तक की नियमित निगरानी होगी। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम संजय चौहान की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति की बैठक हुई। करीब एक घंटे चली बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और योजनाओं का लाभ जमीन पर दिखाने के निर्देश दिए। घर-घर से कूड़ा उठान और आरआरसी संचालन पर जोर डीएम ने ग्राम पंचायतों में स्थापित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) को नियमित रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घर-घर से कूड़ा उठाने, गीले और सूखे कचरे को अलग करने और उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। जैव विविधता रजिस्टरों को अपडेट रखने के साथ उनके सत्यापन के लिए टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए। सामुदायिक शौचालय बंद मिले तो तय होगी जवाबदेही बैठक में व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। डीएम ने पात्र लाभार्थियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने और उपलब्ध धनराशि का पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सामुदायिक शौचालयों को चालू रखने, नियमित साफ-सफाई, पानी और रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। केयरटेकर के मानदेय से जुड़े मामलों का भी नियमानुसार निस्तारण करने को कहा गया। प्लास्टिक कचरे से सड़क बनाने की संभावनाएं तलाशें ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों के सत्यापन के दौरान ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर जोर दिया गया। डीएम ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीडब्ल्यूएमयू) के माध्यम से पूरे जिले को कवर करने के लिए कार्ययोजना और नक्शा तैयार करने को कहा। प्रसंस्कृत प्लास्टिक का सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। बजट खर्च नहीं करने वाली पंचायतों की समीक्षा बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत सबसे अधिक धनराशि बची रखने वाली 10 ग्राम पंचायतों और पंचम वित्त आयोग के तहत शून्य खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों की समीक्षा की गई। डीएम ने धनराशि खर्च नहीं होने के कारणों की जांच कर स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने और वित्तीय प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। पंचायत भवन और डिजिटल लाइब्रेरी की भी समीक्षा बैठक में पंचायत सहायकों के मानदेय, सहज जन सेवा केंद्रों से अगस्त में दी गई सेवाओं, अंत्येष्टि स्थलों, पंचायत भवनों के निर्माण और चयनित गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की भी समीक्षा हुई। डीएम ने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता और पंचायतों से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ वंदिता श्रीवास्तव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी, पीडी पीयूष सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, डीसी मनरेगा राकेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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