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गोंडा में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सोमवार दोपहर करीब तीन बजे जिला पंचायत सभागार में कृषि निवेश अनुदान एवं आपदा राहत सहायता वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें चक्रवात से प्रभावित 250 किसानों को करीब पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से 250 से अधिक किसानों को चना, मसूर, मटर और सरसों समेत विभिन्न फसलों के मिनीकिट बीज वितरित किए गए। इससे किसानों को अगली फसल की बुवाई में मदद मिलेगी। धान और गन्ने की फसल हुई थी बर्बाद चक्रवात के कारण जिले में कई किसानों की धान और गन्ने समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा था। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट आपदा विभाग को भेजी थी। इसके बाद प्रभावित किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई गई। चना, मसूर, मटर और सरसों के बीज बांटे किसानों को राहत देने के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से बीज मिनीकिट भी वितरित किए गए। इनमें चना, मसूर, मटर और सरसों के बीज शामिल हैं। विभाग का उद्देश्य किसानों को आगामी सीजन में बुवाई के लिए प्रोत्साहित करना और खेती के काम को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में मदद करना है। कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि और आपदा राहत से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। किसानों को नहीं होने दी जाएगी परेशानी: डीएम डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि जिन किसानों की फसल या अन्य संपत्ति को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को बीज भी वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। कार्यक्रम में विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी, विधायक गोंडा प्रतीक भूषण सिंह, डीएम प्रियंका निरंजन और अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पात्र किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
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गोंडा में 250 किसानों को मिला मुआवजा:250 से अधिक को मिनीकिट बीज वितरित, चक्रवात से धान-गन्ने की फसल को हुआ था नुकसान