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कानपुर देहात में बीजेपी के संगठनात्मक फेरबदल के बीच सुमित कठेरिया को जिला स्तर पर नई जिम्मेदारी मिली है। पार्टी ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा, कानपुर देहात का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। रविवार देर शाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्षों की सूची जारी की कानपुर देहात को सिकंदरा विधानसभा के ग्राम उरसान के रहने वाले सुमित कठेरिया लंबे समय से बीजेपी से जुड़े हैं और युवा मोर्चा के जरिए संगठन में सक्रिय रहे हैं। सुमित कठेरिया की इस नियुक्ति को उनकी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उनकी बड़ी बहन गुड़िया कठेरिया औरैया जिले की सदर विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक हैं। गुड़िया कठेरिया का मायका कानपुर देहात के सिकंदरा के उरसान गांव में है। ऐसे में भाई को गृह जनपद में पार्टी के अनुसूचित मोर्चा की कमान मिलने के बाद जिले की सियासत में इस नियुक्ति की चर्चा शुरू हो गई है। अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया सुमित कठेरिया लंबे समय से बीजेपी युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी इच्छा युवा मोर्चा में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने की थी, लेकिन पार्टी ने संगठन और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति में बहन गुड़िया कठेरिया की राजनीतिक भूमिका को अहम बताया जा रहा है बीजेपी में संगठनात्मक पद केवल जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक जमीन मजबूत करने का माध्यम भी माने जाते हैं। जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी ऐसे में सुमित कठेरिया के सामने अब अनुसूचित वर्ग के बीच पार्टी के संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। अब देखना होगा कि सुमित कठेरिया अपनी नई जिम्मेदारी के जरिए संगठन में कितनी मजबूत पकड़ बनाते हैं और उनकी यह नियुक्ति कानपुर देहात की राजनीति में क्या असर छोड़ती है।
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विधायक गुड़िया कठेरिया के भाई को मिली नई जिम्मेदारी:कानपुर देहात में BJP ने सौंपी अनुसूचित मोर्चा की कमान