बांदा में UPI पर MDR शुल्क के विरोध में व्यापार:2 हजार से अधिक के लेन-देन पर 0.4% चार्ज न लगाने की मांग


बांदा में यूपीआई (UPI) से होने वाले डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) व्यवस्था के विरोध में जिला उद्योग व्यापार मंडल ने सोमवार को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। व्यापार मंडल ने 2,000 रुपये से अधिक के सामान्य व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू न करने की मांग की है।साथ ही छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत देने की अपील की है। ज्ञापन में व्यापार मंडल ने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया है। कारोबारियों के मुनाफे पर असर व्यापारी वर्ग भी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में लगातार सहयोग कर रहा है। हालांकि, यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर शुल्क लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। इससे छोटे और मध्यम कारोबारियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है। व्यापार मंडल के अनुसार, किराना, कपड़ा, हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, खाद्यान्न, कृषि सामग्री, होटल-रेस्टोरेंट, दवा और फल-सब्जी के कारोबार में व्यापारी पहले से ही सीमित लाभ पर काम करते हैं। ऐसे में प्रत्येक डिजिटल लेन-देन पर शुल्क लगने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। भले ही प्रति लेन-देन शुल्क कम दिखाई दे, लेकिन सालभर में यह बड़ी लागत बन सकता है। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में कपड़े, दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की खरीदारी में 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान सामान्य बात है। ऐसे में इस सीमा से ऊपर होने वाले लेन-देन पर एमडीआर लगाने से बड़ी संख्या में व्यापारी प्रभावित हो सकते हैं। प्रोत्साहन योजना शुरू करने की मांग की व्यापार मंडल ने आशंका जताई कि डिजिटल भुगतान महंगा होने पर व्यापारी नकद लेन-देन को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर हो सकते हैं,जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का उद्देश्य प्रभावित होगा। व्यापार मंडल ने सरकार से यूपीआई स्वीकार करने वाले छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू करने की मांग की है। विचार-विमर्श की व्यवस्था बनाने की अपील साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक,एनपीसीआई, बैंकों और व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श की व्यवस्था बनाने की अपील की है। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से प्रस्तावित एमडीआर व्यवस्था की समीक्षा कर इसे लागू न करने और यूपीआई को सस्ता,सरल व व्यापारी हितैषी बनाए रखने की मांग की गई है।

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