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प्रयागराज में रविवार, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अलोपीबाग स्थित अलोप शंकरी देवी मंदिर में भी दर्शन के लिए भक्त पहुंचे। नवरात्रि को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। वहीं, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। अलोप शंकरी देवी मंदिर प्रयागराज के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां गर्भगृह में देवी की कोई मूर्ति नहीं है। यहां लकड़ी के एक पवित्र झूले और उसके नीचे बने कुंड की पूजा की जाती है। इसी वजह से यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे थे, तब इस स्थान पर माता के दाहिने हाथ का पंजा या कलाई गिरकर अदृश्य हो गई थी। इसी वजह से इस स्थान का नाम अलोप शंकरी पड़ा। श्रद्धालु यहां झूले के दर्शन कर माता से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में मां शैलपुत्री की पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया है। श्रद्धालु सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने लगे। नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिर में पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहेगा। सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम नवरात्रि में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। भीड़ बढ़ने पर यातायात को नियंत्रित करने के भी इंतजाम किए गए हैं। नवरात्रि के दौरान अलोप शंकरी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भक्त माता के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। पूरे शहर में नवरात्रि को लेकर धार्मिक उत्साह का माहौल है।
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प्रयागराज में शारदीय नवरात्रि शुरू,अलोप शंकरी मंदिर में उमड़ी भीड़:बिना मूर्ति वाले शक्तिपीठ में झूले के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु