नवरात्र के पहले दिन मांलेहड़ादेवी मंदिर में उमड़ी भीड़:पांडवों की आराधना से जुड़ी मान्यता, यूपी-बिहार और नेपाल से भी आते हैं भक्त


महराजगंज के बृजमनगंज क्षेत्र में स्थित महा शक्तिपीठ मां लेहड़ा देवी मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। गोरखपुर से करीब 50 किलोमीटर उत्तर स्थित लेहड़ा (मोहला टीकठ) का यह मंदिर अपनी प्राचीनता, धार्मिक मान्यताओं और आध्यात्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। नवरात्र के पहले दिन ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त मां के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने लगे। हाथों में नारियल, चुनरी और पूजा सामग्री लिए श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। पांडवों के अज्ञातवास से जुड़ी है मान्यता मंदिर की महिमा से कई धार्मिक मान्यताएं और लोककथाएं जुड़ी हैं। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां पहुंचकर मां की आराधना की थी। मंदिर से जुड़ी प्राचीन कथाएं और आस्था की परंपराएं इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में स्थान दिलाती हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद माता रानी पूरी करती हैं। इसी आस्था के चलते सालभर यहां भक्तों का आना-जाना लगा रहता है।
नवरात्र में यूपी, बिहार और नेपाल से पहुंचते हैं भक्त नवरात्र के दौरान मां लेहड़ा देवी के दर्शन के लिए महराजगंज सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों, बिहार और पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त मां के दरबार में परिवार की सुख-शांति, आरोग्य, संतान और समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र में मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहता है। पीढ़ियों से मां की सेवा में जुटा पुजारी परिवार मंदिर में पुजारी परिवार की कई पीढ़ियां पूजा-अर्चना और मां की सेवा में जुटी हैं। वहीं, महराजगंज शहर स्थित दुर्गा मंदिर में भी शारदीय नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिरों में घंटियों की गूंज, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच भक्तों ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर नवरात्र की शुरुआत की। जिलेभर के देवी मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

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