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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र में कथित ध्वस्तीकरण के मामले में जिलाधिकारी के 22 जुलाई 2026 के आदेश पर रोक लगा दी है और भवन की स्थिति पर सर्वे रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने अखिलेश कुमार शुक्ल की याचिका पर यह आदेश पारित किया। क्या है मामला जानिये याची का कहना है कि एक निजी पक्षकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने प्रत्यावेदन पर निर्णय की मांग की थी। जिलाधिकारी ने उस प्रत्यावेदन पर विचार करते समय याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दिए बिना मौजूदा निर्माण गिराने और जमीन की घेराबंदी के लिए बाउंड्री वॉल बनाने हेतु आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दे दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि वह बक्सी कलां, दारागंज, प्रयागराज में मकान नंबर 182 का निवासी है।
कोर्ट ने कहा उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) मौके पर सर्वे कर यह रिपोर्ट दें कि मकान नंबर 239 (नया नंबर 182) अलग मकान है या नहीं और उसका प्रतिवादी की जमीन से कोई संबंध है या नहीं। रिपोर्ट अगली सुनवाई की तारीख पर सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाए। सुनवाई 15 नवंबर को कोर्ट ने कहा प्रयागराज के जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निजी प्रतिवादी को याचिका के लंबित होने की विधिवत सूचना दी जाए।फिलहाल 22 जुलाई 2026 का जिलाधिकारी का आदेश प्रभावी नहीं किया जाएगा, यदि अब तक उस पर अमल न हुआ हो।मामले की अगली सुनवाई 15 नवंबर 2026 को होगी।
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डीएम के ध्वस्तीकरण आदेश पर हाईकोर्ट की रोक:कोर्ट ने दारागंज स्थित घर का सर्वे कर रिपोर्ट पेश करने का एसडीएम को निर्देश