डीमार्ट के नतीजे- आमदनी 18% और मुनाफा 8.5% बढ़ा:पुराने स्टोर्स में जोरदार बिक्री और नए स्टोर खोलने का असर; खर्च भी 18% बढ़ा


रिटेल चेन डीमार्ट को चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 743 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। सालाना आधार पर यह 8.5% बढ़ा है। पिछले साल की दूसरी तिमाही में कंपनी को ₹685 का मुनाफा हुआ था। जुलाई-सितंबर तिमाही में डीमार्ट ने ₹19,644.01 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया। यानी सालाना आधार पर कंपनी की आमदनी 18% बढ़ी है। हालांकि, कंपनी का खर्च भी 18% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹16,676.30 करोड़ रहा था। वस्तुओं और सेवाओं के बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू या राजस्व होता है। कंपनी ने वित्त वर्ष 27 में अब तक 18 नए स्टोर्स खोले हैं। इसके साथ ही देश में कंपनी के टोटल स्टोर्स की संख्या अब 518 हो गई है। डीमार्ट के नतीजों की बड़ी बातें सॉलिड रेवेन्यू ग्रोथ: डीमार्ट का बिजनेस मॉडल (बिक्री) अभी भी बहुत मजबूत है। 18% की रेवेन्यू ग्रोथ यह दिखाती है कि कंज्यूमर डिमांड और स्टोर्स पर फुटफॉल में कोई कमी नहीं आई है। मुनाफे की धीमी रफ्तार: रेवेन्यू तो 18% बढ़ा, लेकिन नेट प्रॉफिट सिर्फ 8.5% बढ़ा। इसका सीधा मतलब है कि कमाई तो हो रही है, लेकिन मुनाफा बनाने की लागत बढ़ गई है। सैलरी/वेज इन्फ्लेशन का असर: कंपनी के CEO अंशुल असावा ने खुद माना कि एंट्री-लेवल कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने से ऑपरेटिंग खर्च बढ़ा है। महंगाई का असर सिर्फ ग्राहकों पर नहीं, कंपनी के मैनपावर कॉस्ट पर भी पड़ रहा है। पुराने स्टोर्स का मजबूत प्रदर्शन: पुराने स्टोर्स की ग्रोथ 6.8% से बढ़कर 9.5% हो गई है, कंपनी के लिए यह पॉजिटिव है। इसका मतलब है कि सिर्फ नए स्टोर खोलने से ही कमाई नहीं बढ़ रही, बल्कि पुराने स्टोर्स पर भी ग्राहक ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं। कम दाम की स्ट्रेटजी: महंगाई के बावजूद डीमार्ट अपने लो-प्राइस मॉडल से पीछे नहीं हटा है। कंपनी थोड़ा घाटा सहकर भी ग्राहकों को सस्ता सामान दे रही है, ताकि कस्टमर बेस न छूटे। एक साल में करीब 20% गिरा है डीमार्ट का शेयर नतीजे जारी करने से पहले शुक्रवार, 9 अक्टूबर को एवेन्यू सुपरमार्ट (डीमार्ट) का शेयर 1.79% गिरकर 3,521 के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर एक महीने में 5% और एक साल में करीब 20% गिरा है। क्या होता है स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड? कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक सेगमेंट या यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। सुपरमार्केट चेन डीमार्ट के फाउंडर हैं दमानी सुपरमार्केट चेन डीमार्ट के फाउंडर राधाकिशन दमानी हैं। उन्होंने डीमार्ट की शुरुआत 2002 में मुंबई के पवई इलाके से की थी। यहां उन्होंने डीमार्ट का पहला स्टोर ओपन किया था। 1999 में दमानी ने नई मुंबई के नेरुल में ‘अपना बाजार’ की एक फ्रेंचाइजी की शुरुआत की थी, पर उन्हें यह मॉडल जमा नहीं था। डीमार्ट ने 2017 में शेयर बाजार में डेब्यू किया था डीमार्ट सुपरमार्केट चेन को एवेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड (ASL) ऑपरेट करती है। एवेन्यू सुपरमार्ट्स के CEO नेविल नोरोन्हा हैं। 71 साल के राधाकिशन दमानी की कंपनी डीमार्ट ने 2017 में शेयर बाजार में डेब्यू किया था। डीमार्ट 21 मार्च 2017 को शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी, उस दिन कंपनी मार्केट कैप 39,988 करोड़ रुपए था। अब कंपनी का मार्केट कैप 2.29 लाख करोड़ रुपए है।

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