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भारतीय जनता पार्टी छोड़ने के महज 24 घंटे के भीतर पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप समाजवादी पार्टी (सपा) के मंच पर नजर आए हैं। आंवला से दो बार सांसद रहे कश्यप समाज के कद्दावर नेता धर्मेंद्र कश्यप देर रात सपा नेता डॉ. अनीस बेग के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए।
समारोह से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में वे सपा नेताओं के साथ केक काटते, हाथ उठाकर ठहाके लगाते और गर्मजोशी से गले मिलते दिखे। इस दौरान उनके साथ मंच पर सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी और खुसरो मिर्जा समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस मुलाकात के बाद बरेली-बदायूं के सियासी गलियारों में तय माना जा रहा है कि धर्मेंद्र कश्यप जल्द ही औपचारिक रूप से ‘साइकिल’ की सवारी कर सकते हैं। बर्थडे पार्टी में सियासी मिलन: सपा नेता डॉ. अनीस बेग के जन्मदिन में पहुंचे पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने खुद केक कटवाया और सपा नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।
एक दिन पहले छोड़ी थी भाजपा: कश्यप समाज की अनदेखी और पार्टी में ‘घुटन’ का आरोप लगाकर 24 घंटे पहले ही भाजपा को अलविदा कहा था।
सपा नेताओं के बीच दिखे खास अंदाज में: सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष के बीच बैठे नजर आए, दोनों हाथों को उठाकर समर्थकों का अभिवादन किया।
घर वापसी की तैयारी: धर्मेंद्र कश्यप पहले भी सपा से विधायक और राज्यमंत्री रह चुके हैं; अब दोबारा घर वापसी की अटकलें तेज हैं।
भाजपा में उपेक्षा का आरोप, बोले- “जिन लोगों ने हराया, उन्हें अगली पंक्ति में बैठाया गया” भाजपा से अलग होने का ऐलान करते हुए धर्मेंद्र कश्यप ने पार्टी संगठन पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कहा था—
“भाजपा में मुझे घुटन महसूस हो रही थी। यहां दलितों और पिछड़ों के लिए अलग ही पैमाने हैं। लोकसभा चुनाव में जिन लोगों ने मुझे हराने का काम किया, पार्टी में आज उन्हें ही अग्रिम पंक्ति में बैठाकर सम्मान दिया जा रहा है। कश्यप समाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, ऐसे में स्वाभिमान से समझौता कर वहां रहना संभव नहीं था।”
बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार और कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं के बाद से कश्यप खेमे में नाराजगी और बढ़ गई थी। बरेली-बदायूं बेल्ट में मजबूत पकड़, सपा को मिलेगा ओबीसी वोटबैंक का बूस्ट
धर्मेंद्र कश्यप का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है: बसपा से शुरुआत: वे पहली बार बहुजन समाज पार्टी से विधायक बने थे।
सपा में एंट्री: इसके बाद वे समाजवादी पार्टी में शामिल होकर विधायक और मंत्री रहे।
भाजपा में 10 साल का सफर: मोदी लहर में भाजपा में आए और आंवला लोकसभा सीट से लगातार दो बार (2014 और 2019) सांसद चुने गए। बरेली और बदायूं के ग्रामीण इलाकों में कश्यप और मल्लाह बिरादरी के मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद है। इस बेल्ट में धर्मेंद्र कश्यप को कश्यप समाज का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता है। अगर उनकी सपा में एंट्री होती है, तो रुहेलखंड में समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को बड़ा सियासी लाभ मिल सकता है। अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी
सपा नेताओं के साथ वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्क्रिप्ट पूरी तरह तैयार हो चुकी है। जन्मदिन समारोह में जिस तरह सपा के जिला और महानगर स्तर के शीर्ष नेतृत्व के साथ वे हंसते-मुस्कुराते दिखे, उससे साफ है कि अखिलेश यादव की हरी झंडी मिलते ही लखनऊ में उनके सपा में शामिल होने की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
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BJP छोड़ते ही सपा नेताओं के साथ दिखे धर्मेंद्र कश्यप:डॉ. अनीस बेग की बर्थडे पार्टी में काटा केक, हाथ उठाकर लगाए ठहाके