काशी में नितिन नवीन का छात्रों से सवाल-जवाब:बोले- युवाओं को Gen Z, अल्फा में मत बांटिए, देश हमेशा युवाओं का रहा है


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में युवाओं से बात की। एक सवाल के दौरान Gen Z शब्द आने पर उन्होंने कहा- हमारा देश हमेशा से युवाओं का रहा है। आगे भी रहेगा। इसे अल्फा, बीटा, गामा में मत बांटिए। नितिन नवीन से कुल 12 युवाओं ने सवाल पूछा। जिसका उन्होंने एक साथ जवाब दिया। कुछ युवा उनकी बातों से सहमत दिखे तो कुछ ने उनसे कुछ मसलों पर असहमति दिखाई। ऐसे में दैनिक भास्कर ने इस युवा संवाद में सवाल पूछने वाले और मंच पर बैठी छात्राओं से बात की। जाना कि क्या वो नितिन नवीन के जवाबों से संतुष्ट हुईं या नहीं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… देखिए युवा संवाद सम्मेलन की 3 तस्वीरें… डिजिटल क्रिएटर्स के लिए क्या प्रोग्राम ला रही यूपी सरकार स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज की बीकॉम ऑनर्स की सेकेंड ईयर की छात्रा कनक सिंह ने सबसे पहला सवाल पूछा था। कनक ने बताया- मैंने पूछा था कि आज के जो युवा हैं, वो करियर अपॉर्चुनिटीज में कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल मीडिया को बहुत ज्यादा देख रहे हैं। इसके लिए सरकार कौन से डेडिकेटेड ट्रेनिंग प्रोग्राम ला रही है? नितिन नवीन ने कहा कि यूपी सरकार बहुत सारे ऐसे फाइनेंशियल ऐड ला रहे हैं, जिससे कि वो जो भी ऐसे लोग हैं, जो कंटेंट क्रिएशन में और उसमें रुचि दिखाते हैं, वो उसके लिए अलग-अलग तरीके के ट्रेनिंग प्रोग्राम्स भी लाएंगे। उनके लिए फाइनेंशियल ऐड लाएंगे, जिससे कि वो आगे उस चीज में अप्रोच कर सकें। जवाब से संतुष्ट दिखीं अस्मिता श्रीवास्तव राष्ट्रीय अध्यक्ष से दूसरा सवाल पूछने वाली अस्मिता श्रीवास्तव भी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज की बीकॉम ऑनर्स की सेकेंड ईयर की छात्रा हैं। उन्होंने पूछा कि युवा स्टार्टअप या छोटे व्यापार शुरू कर रहे हैं, सरकार कैसे सहायता कर रही है? अस्मिता ने बताया- इस पर नितिन नवीन ने जवाब दिया कि बहुत सारे स्कीम्स ला रहे हैं। बहुत सारी चीजें सपोर्ट कर रहे हैं। आज 100 से अधिक युवाओं को वो सहयोग कर रहे हैं, जिससे बहुत सारी स्टार्टअप्स आज चल भी रही हैं। अस्मिता ने बताया- इस जवाब से मैं काफी संतुष्ट हूं। पेपर लीक पर श्रेया ने पूछा था सवाल माइक्रो टेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की बीकॉम सेकेंड ईयर की छात्रा श्रेया मेहरोत्रा ने पेपर लीक को लेकर सवाल किया। उन्होंने पूछा कि इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। श्रेया ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जवाब से वह संतुष्ट हैं। कब तक रहेगी डिग्री ओरिएंटेड पढ़ाई काशी विद्यापीठ की छात्रा सृष्टि दुबे ने पूछा कि हायर एजुकेशन को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय युवाओं को स्किल, रोजगार, इनोवेशन, रिसर्च और लीडरशिप के लिए तैयार करने को लेकर सरकार की क्या प्राथमिकता है। सृष्टि ने बताया कि नितिन नवीन ने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है और युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जाएगा। टिकट लेने में अगर पैसे लगे तो क्यों जाएंगे राजनीति में? एमए मास कम्युनिकेशन की छात्रा और एबीवीपी कार्यकर्ता धरती सिंह ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के आरक्षण को लेकर सवाल किया। उन्होंने बताया कि नितिन नवीन ने महिलाओं से राजनीति में आगे आने की अपील की और कहा कि सदन में अच्छे लोगों की भागीदारी जरूरी है। धरती ने कहा कि वह राजनीति में जाना चाहती हैं, लेकिन टिकट के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ें या मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि जरूरी हो तो मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही होगी तो वह जरूर आगे आएंगी। अब जानिए मंच पर उनके साथ बैठने वाली युवा छत्राओं ने क्या कहा? साक्षी राय बोली- वंडरफुल एक्सपीरियंस रहा मंच पर मौजूद छात्रा साक्षी राय ने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच संवाद बढ़ना चाहिए। उन्होंने नितिन नवीन के युवाओं को बांटने के बजाय साथ रखने वाले विचार से सहमति जताई। वहीं, छात्रा सृष्टि ने युवाओं के बीच अलग-अलग वर्ग बनाने को संस्थागत कामकाज के लिए जरूरी बताया। पहली बार सरकार बच्चों से संवाद कर रही साक्षी ने बताया कि नितिन नवीन के जवाब से वह पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई सरकार बच्चों के बीच आकर उनसे संवाद कर रही है और उनकी बात सुन रही है। उनके जवाबों से लगा कि सरकार युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। युवाओं को न बांटने की बात पर जताया इत्तेफाक साक्षी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं को बांटने की बात कही, उससे वह पूरी तरह सहमत हैं। उन्होंने कहा कि युवा देश की आबादी का ही हिस्सा हैं, उनसे अलग नहीं हैं। आज के युवा ही देश का भविष्य हैं। इसलिए युवाओं को अलग-अलग वर्गों में बांटकर उनके मन में गलतफहमी पैदा करने से बचना चाहिए। जेन जी का प्रोटेस्ट निगेटिव इम्पैक्ट फैलाने के लिए
सनबीम वीमेंस कॉलेज की छात्रा गरिमा पांडेय भी मंच पर राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठी थीं। गरिमा ने बताया कि नितिन नवीन ने उनसे पूछा कि वह आगे क्या करना चाहती हैं और देश के विकास के लिए उनका क्या लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि वह युवाओं को बांटने वाली बात से पूरी तरह सहमत हैं। गरिमा ने कहा कि विरोध प्रदर्शन सिर्फ जेन जी नहीं कर रही है। इससे पहले बिजली और किसान समेत कई मुद्दों पर आंदोलन हुए हैं, लेकिन उन्हें किसी खास पीढ़ी के नाम से नहीं जोड़ा गया। अब युवाओं के प्रदर्शन को जेन जी का प्रदर्शन कहकर अलग पहचान दी जा रही है। इससे युवाओं के प्रति नकारात्मक धारणा बन सकती है। यूपी में लाभ न मिलने से परेशान हैं बिहार के छात्र बिहार के वैशाली की रहने वाली विद्यापीठ की गोल्ड मेडलिस्ट निशा सिंह भी नितिन नवीन के पास बैठी थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने यूपी में पढ़ने वाले दूसरे राज्यों के छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि यूपी के छात्रों को यहां छात्रवृत्ति मिलती है, लेकिन बिहार या दूसरे राज्यों से यूपी में पढ़ने आने वाले छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलता। इसी तरह यूपी के छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ते हैं तो उन्हें भी वहां की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाती। निशा के मुताबिक, नितिन नवीन ने कहा कि जिस राज्य के छात्र होते हैं, उन्हें आमतौर पर उसी राज्य में छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। इस पर निशा ने कहा कि वह बिहार के किसी कॉलेज में नहीं पढ़तीं, तो बिहार सरकार उन्हें छात्रवृत्ति क्यों देगी। निशा के मुताबिक, नितिन नवीन ने माना कि यह सही मुद्दा है और बिहार सरकार से इस बारे में बात करने की बात कही।

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