दरोगा की वकील पत्नी की मौत में स्टेटस रिपोर्ट तलब:हाईकोर्ट ने दिया आदेश, याचिका में पिता ने कहा- CBI/CBCID से कराएं जांच


प्रयागराज में दरोगा की अधिवक्ता पत्नी कंचन शर्मा की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की अदालत ने आरोपी पक्ष के लोगों को नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त, प्रयागराज के शपथपत्र के साथ विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई पर दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी। यह आदेश मृतका के पिता बैजनाथ शर्मा की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया है। याचिका में मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराने और पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे सीबीआई या सीबीसीआईडी, को सौंपने की मांग की गई है। साथ ही पति की गिरफ्तारी की मांग भी की गई है। 2020 से हाईकोर्ट में कर रही थीं प्रैक्टिस
याचिका में कहा गया है कि 30 साल की कंचन 2020 से इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थीं। शादी से पहले उन्होंने धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि कोर्ट और अन्य जगहों पर जाते समय उन्हें आशंका होती थी कि कोई उनका पीछा कर रहा है। इस मामले का विवेचक थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह को बनाया गया था। विवेचक से शादी, बाद में दहेज उत्पीड़न का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मामले की विवेचना के दौरान जितेंद्र कंचन के करीब आए और उन्होंने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे कंचन ने स्वीकार कर लिया। दोनों की शादी 26 नवंबर 2025 को कानपुर नगर के मैनावती मार्ग स्थित होटल नारायणा में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद जितेंद्र ने कंचन को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अतिरिक्त दहेज की मांग की। वह उसे मारते पीटते भी थे। बैचमेट ने भाई को फोन कर सुसाइड की दी जानकार
याचिका में कहा गया है कि कंचन की मौत की जानकारी उनके भाई को इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह के बैचमेट और आगरा में तैनात सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार ने फोन करके दी। उसने कंचन के आत्महत्या करने की जानकारी दी और इससे संबंधित प्रमाण भी भेजे। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि मामले में पुलिसकर्मी खुद आरोपी हैं। ऐसे में पुलिस विभाग के स्तर पर हो रही जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया जाए। गिरफ्तारी, जांच एजेंसी के अलावा यह भी मांगें
याचिका में हाईकोर्ट से मुख्य रूप से चार राहत मांगी गई हैं। इनमें केस की जांच पुलिस से हटाकर सीबीआई या सीबीसीआईडी जैसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपना, आरोपी पति को गिरफ्तार करने का निर्देश देना, कंचन शर्मा के 20 सितंबर 2026 को हुए पोस्टमार्टम और इनक्वेस्ट की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश तथा घटनास्थल को दोबारा रीक्रिएट कराने की मांग शामिल है।
कंचन की मौत के बाद 19 सितंबर की रात धूमनगंज के पारसग्रीन अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में संदिग्ध हाल में हुई थी। उनका शव फंदे पर लटका मिला था। पुलिस कमिश्नर के शपथपथ के साथ पेश करें स्टेटस रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने याचिका में की गई दलीलों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री को देखते हुए कहा कि मामले में विचार किए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने आरोपी पक्ष के लोगों को संबंधित थाने के एसएचओ के माध्यम से नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि नोटिस की तामील के लिए एक सप्ताह के भीतर उचित कदम उठाए जाएं। साथ ही राज्य सरकार की ओर से पेश एजीए को पुलिस आयुक्त, प्रयागराज के शपथपत्र के साथ विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अगली तारीख पर दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। 2023 बैच के दरोगा हैं जीतेंद्र सिंह
कंचन की मौत में आरोपी पति जितेंद्र सिंह 2023 बैच के दरोगा हैं। 19 सितंबर की रात 11:48 मिनट पर मायकेवालों को सूचना मिली थी जिसमें बताया गया कि उन्होंने सुसाइड कर लिया है। इससे पहले रात आठ बजे के करीब ही कंचन के माता-पिता तीन दिन रहने के बाद कानपुर लौटे थे। लाइन हाजिर किया गया था
मायके पक्ष ने शादी के बाद से दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उधर आरोपी पति ने पुलिस को बताया था कि घटना के बाद वह दूसरे कमरे में था। रात 11:45 बजे के करीब उसे कंचन के सुसाइड की बात कॉमन फ्रेंड ने दी। इसके बाद उसने दरवाजा तोड़ा तो वह फंदे पर लटकी हुई थी। उसने शव नीचे उतारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दरोगा को घटना के बाद ही लाइन हाजिर कर दिया गया था।

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