कनपुरिया कहानी पर थी नाना पाटेकर की अंतिम शॉर्ट फिल्म:साइबर ठग को ठगने वाले वाले भूपेन्द्र की कहानी बन बनी थी “स्कैम फाइल्स”


फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने निधन की खबर मिलने के बाद से उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। नाना नाटेकर का कानपुर से भी नाता है, उन्होंने साइबर ठग को ठगने वाले कानपुर के भूपेन्द्र सिंह के कैरेक्टर पर ही यूपी यूपी पुलिस के लिए साइबर फ्रॉड अवेयरनेस के लिए “स्कैम फाइल्स” फिल्म बनाई थी। यह फिल्म कानपुर के भूपेन्द्र सिंह की कहानी पर पूरी तरह आधारित है, क्यों कि भूपेन्द्र ने साइबर ठगी के लिए कॉल करने वाले ठग को ही अपने झांसे में लिया और उसे अपनी कहानी में फंसाकर 13 हजार रुपए ठग लिए थे। यूपी पुलिस की साइबर जागरूकता पर बनी फिल्म में निभाया मुख्य किरदार कानपुर के बर्रा विश्वबैंक ई-ब्लॉक में रहने वाले भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने उन्हें झकझोर दिया। अभी 7 महीने पहले ही तो उनके कैरेक्टर व कानपुर में साइबर ठगों से ठगी की कहानी पर बनी फिल्म रिलीज होने पर वह लखनऊ पहुंचे थे। भूपेन्द्र ने बताया कि नाना पाटेकर की खास बात ये कि वह बहुत ही जमीनी एक्टर थे, समाजिक मुद्दों पर बहुत मुखर होकर एक्टिंग करते और लोगों से जुड़ाव रखते थे। इसी के तहत उन्होंने यूपी पुलिस के साथ साइबर ठगी से लोगों को बचाने व जागरूकता के लिए “स्कैम फाइल्स” फिल्म करने को राजी हुए और यह उनकी अंतिम शॉर्ट फिल्म बनकर रह गई। अब आपको बताते हैं क्या है “स्कैम फाइल्स” की सच्ची कहानी भूपेन्द्र ने बताया कि 6 मार्च 2024 को एक अनजान नंबर से कॉल आया था। शातिर साइबर ठग ने खुद पुलिस अफसर बनकर धमकाते हुए कहा कि आप यू-ट्यूब और सोशल मीडिया पर आप अश्लील वीडियो व कंटेंट देखते हैं। आपके खिलाफ कई कंप्लेन आई हैं, आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायत खत्म करने के नाम पर 16 हजार रुपए मांगे, धमकाते हुए कहा कि जल्द ही तुम्हें अरेस्ट करके जेल भेज दिया जाएगा। भूपेन्द्र ने कॉल कट कर दी और साइबर ठग की डीपी में लगी तस्वीर की जांच की और पड़ताल की तब पता चला कि यह किसी साइबर ठग का कॉल है। इसके बाद भूपेन्द्र ने एक कहानी गढ़ते हुए कहा कि मैं हाईस्कूल का छात्र हूं, मेरे पास 16 हजार रुपए आपको देने के लिए नहीं है। कहा कि मैंने अपने मां की चेन को अपने दोस्त के पिता को गिरवी रखी है, उन्हें 3 हजार देने के बाद ही 40 हजार की चेन मिल पाएगी, जिसे बेचकर मैं पैसा दे पाऊंगा। साइबर ठग भूपेन्द्र के झांसे में फंस गया और फिर 3 हजार रुपए भूपेन्द्र के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद भूपेन्द्र ने कहा कि मेरे दोस्त के पापा अब इस पर 500 रुपए ब्याज मांग रहे हैं। इसके बाद ठग ने फिर से 500 रुपए भेज दिया। इसी तरह करीब 10 दिनों तक छात्र बनकर साइबर ठग को भूपेन्द्र ने गुमराह करके कुल 13 हजार तक साइबर ठग से ट्रांसफर करा लिया। भूपेन्द्र ने मामले की शिकायत कानपुर पुलिस से की तो, पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल की और भूपेन्द्र की एक-एक बात को तस्दीक करने के बाद उन्हें साइबर सेल कानपुर का ब्रांड अंबेस्डर बना लिया। इसके बाद यह जानकारी तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने डीजीपी दी। यह कहानी साइबर अवेयरनेस को लेकर उन्हें इतनी पसंद आई कि इस पर एक फिल्म बनवाने का निर्णय लिया। डायरेक्टर राज्य शांडिल्य ने 5 मिनट 27 सेकेंड की साइबर ठगी से बचाव व जागरूकता पर एक शॉर्ट फिल्म “स्कैम फाइल्स” लिखी और बॉलिवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने इसमें अभिनय किया। यह फिल्म 2 जनवरी 2026 को रिलीज हुई। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ, डीजीपी राजीव कृष्णन के साथ ही तमाम बड़े अफसर व प्रमुख लोग मौजूद रहे।

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