कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस मामले में डीएम सख्त:पुलिस से मांगा निरस्तीकरण का प्रस्ताव, मतदाता सूची की भी हो रही जांच


आजमगढ़ में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर का पता दर्शाकर शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ हासिल किए जाने के मामले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। डीएम ने पुलिस को संबंधित शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण/निशस्त्रीकरण का प्रस्ताव नियमानुसार प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया है कि पुलिस से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में संबंधित पक्ष को नियमानुसार सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। मुंबई में रहने वाले व्यक्ति ने आजमगढ़ का पता इस्तेमाल कर लिया लाइसेंस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मो. इबराक पुत्र इमदाद खान, जो वर्तमान में अंधेरी वेस्ट, मुंबई में निवास करता है, ने ग्राम मिर्जापुर, थाना निजामाबाद के पते का कथित रूप से इस्तेमाल किया। आरोप है कि इस पते के आधार पर परिवार रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख सहित अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए और इनके आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य अभिलेख बनवाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2010 में रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किया गया तथा अन्य सरकारी लाभ भी लिए गए।
अन्य लोगों के लिए भी दस्तावेज तैयार कराने का आरोप
मामले की जांच में मिर्जा अयाज बेग पुत्र मिर्जा मिनहाज बेग, निवासी मिर्जापुर, थाना निजामाबाद की भूमिका भी सामने आई है। आरोपों की जांच की जा रही है कि उनके द्वारा अन्य व्यक्तियों के लिए भी ग्राम मिर्जापुर के पते पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए गए और उनके आधार पर शस्त्र लाइसेंस व अन्य सरकारी लाभ दिलाए गए। इसके एवज में धनराशि लिए जाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा संबंधित व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़े अभिलेखों में शामिल किए जाने के संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है। मुंबई से गिरफ्तार कर आजमगढ़ लाई गई पुलिस
प्रकरण में थाना निजामाबाद में मो. इबराक खान और मिर्जा अयाज बेग के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। आजमगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मो. इबराक खान को मुंबई से गिरफ्तार किया और उसे आजमगढ़ लाया गया है।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों, आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। वहीं शस्त्र लाइसेंस के संबंध में पुलिस की रिपोर्ट और प्रस्ताव मिलने के बाद जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।

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