नई दिल्ली 4 मिनट पहले
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नई दिल्ली में बुधवार को IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि IAF सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसकी रफ्तार मौजूदा समय से थोड़ी और तेज हो सकती है।
एयर फोर्स ऑडिटोरियम, सुब्रतो पार्क में 94वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने यह बात कही। कार्यक्रम में एयर वॉरियर्स और IAF के पूर्व जवान शामिल हुए।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने तेजी से बदलती तकनीक के दौर में IAF की क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि IAF में ज्यादा क्षमता, तेज भर्ती और ज्यादा लड़ाकू ताकत की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या हमारी रफ्तार सही है, यह सभी को तय करना है। हम आज से थोड़ी तेज गति से आगे बढ़ सकते हैं।”
IAF चीफ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में IAF का ध्यान ‘प्लेटफॉर्म-केंद्रित’ से ‘क्षमता-केंद्रित’ रणनीति पर गया है। इसके साथ ही विभिन्न घटकों को एक-दूसरे से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस रणनीति ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने IAF की क्षमताएं बढ़ाने और दूसरे क्षेत्रों में हो रही प्रगति का भी जिक्र किया।
हालांकि, एयर चीफ मार्शल सिंह ने कुछ परियोजनाओं में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने LCA Mk-1A परियोजना में देरी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि अभियानों ने IAF की क्षमता की परीक्षा ली है। सैन्य अभ्यासों ने उसे चुनौती दी है।
मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों ने IAF को सीमा के बाहर तक पहुंचाया है। वहीं, एयर डिप्लोमेसी ने साझेदारी का दायरा बढ़ाया है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह इसी महीने रिटायर होंगे। उनकी जगह एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित IAF की कमान संभालेंगे। उन्हें उत्तराधिकारी नामित किया गया है।
