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वाराणसी के सप्तसागर दवा मंडी में बुधवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UP FSDA) विभाग द्वारा दवा लाइसेंसों का एक विशेष सत्यापन किया गया। दवा की दुकानों पर टीम पहुंचने से कुछ देर के लिए दुकानदारों में असमंजस की स्थिति रही। जिसे दवा विक्रेता समिति के महामंत्री संजय सिंह ने संभाला और टीम एक साथ एक-एक दुकानों का सत्यापन करवाया। इस दौरान की दुकानें बंद मिली। जो UPFSD के रिकार्ड में संदिग्ध दर्ज हैं। संजय सिंह ने बताया – विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन दवा लाइसेंसों को चिह्नित करना और निरस्त करना है। जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं या जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। यह कोई दंडात्मक जांच नहीं, बल्कि एक नियमित सत्यापन प्रक्रिया है। जिसमें समिति भी विभाग का पूरा सहयोग कर रही है। कोडीन सिरप के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया कदम
महामंत्री संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में कोडीन सिरप के दुरुपयोग और अवैध बिक्री से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। शासन का मानना है कि बंद पड़ी या निष्क्रिय दुकानों के लाइसेंसों का गलत इस्तेमाल होने की संभावना बनी रहती है। इस वजह से न केवल कानून व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि ईमानदारी से व्यापार करने वाले दवा विक्रेताओं की छवि भी धूमिल होती है। इसी साइड इफेक्ट को रोकने के लिए निष्क्रिय लाइसेंसों को तुरंत निरस्त करने का निर्णय लिया गया है ताकि भविष्य में इनका दुरुपयोग न हो सके। सप्तसागर दवा मंडी में मिलीं 30-35 संदिग्ध दुकानें
अभियान के शुरुआती दौर में वाराणसी की प्रसिद्ध सप्तसागर दवा मंडी में ही करीब 30 से 35 ऐसी दुकानें चिह्नित की जा चुकी हैं। जो काफी समय से बंद हैं। संजय सिंह के अनुसार, कई व्यापारी दुकानें खाली करके अन्यत्र जा चुके हैं। लेकिन उनके लाइसेंस अभी भी उसी पते पर दर्ज हैं। विभाग अब यह जांच कर रहा है कि ये लाइसेंस कहीं और स्थानांतरित किए गए हैं या नहीं। यदि इनका कहीं भी उपयोग नहीं हो रहा है। तो इन्हें तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा, ताकि केवल वास्तविक रूप से व्यापार करने वाले लोग ही इस क्षेत्र में बने रहें।
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सप्तसागर दवा मंडी में सत्यापन के लिए पहुंची UPFSDA टीम:दवा दुकानों का चेक किया लाइसेंस, 30-35 संदिग्ध दुकानें मिलीं बंद