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दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अकेले ही विमान को क्रैश करने की साजिश रच रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की जानकारी नहीं मिली है। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट का प्लान कैप्टन स्मित को मारकर विमान को तेल अवीव में किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराना था। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब उसका पहला प्लान नाकाम होने लगा तो उसने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। इस दौरान उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे आने लगा। जांचकर्ताओं को शक है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की थी। हमले के बाद कॉकपिट में पहुंचे यात्री रिपोर्ट के मुताबिक, हमामी ने नजाम के दौरान इमरजेंसी के लिए रखे क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी निकाली और पीछे से कैप्टन स्मित पर वार करना शुरू कर दिया। शुरुआत में स्मित को लगा कि विमान का कोई हिस्सा उनके सिर से टकराया है, लेकिन लगातार वार होने पर उन्हें समझ आया कि उन पर हमला हो रहा है। हमले में कैप्टन स्मित के सिर पर गंभीर चोट लगी और उनके हाथ पर भी गहरी चोट आई। काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन को-पायलट ने दरवाजा बंद किया। फिर स्मित ने उससे मुकाबला करते हुए दोबारा दरवाजा खोला। कॉकपिट से हाथापाई की आवाजें सुनकर एक महिला ने लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई यात्री और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने कैप्टन को गंभीर हालत में पाया और को-पायलट को काबू करने की कोशिश की। विमान की रफ्तार 970 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान तेजी से जमीन की ओर गिर रहा था। उसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी। इस दौरान विमान का पिछला रडर क्षतिग्रस्त हो गया और को-पायलट ने कंट्रोल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसी दौरान पेशे से प्लंबर यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची, जिससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34 हजार फीट से 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था। बाद में यात्रियों और क्रू की मदद से विमान का कंट्रोल संभाला गया। सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने विमान को वापस मोड़ने को कहा। इसके बाद फ्लाइट को तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए गए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हमामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया। इमरजेंसी लाइट जलने से इंजन की जांच घटना के कुछ वीडियो में विमान की इमरजेंसी लाइट्स जलती दिखाई दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे विमान की मुख्य बिजली सप्लाई बंद होने की आशंका जताई गई। ऐसे में विमान बैटरी पावर पर आ सकता है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या को-पायलट ने इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर किया था। बाद में दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में इंजन दोबारा शुरू करने की स्थिति बनी हुई थी। कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच यूएई, इजराइल और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यूएई ने कहा है कि जांच में को-पायलट के आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश करने की बात सामने आई है। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी संगठन या सरकार से उसके संबंध का पता नहीं चला है। ऑस्ट्रेलिया और ओमान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, हमामी को उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस भी उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमामी 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसे 2014 में स्टूडेंट वीजा मिला था, जिसे 2019 में रद्द कर दिया गया। ABC के मुताबिक, वीजा चरित्र संबंधी वजहों से नहीं, बल्कि कोर्स में दाखिला खत्म होने के कारण रद्द हुआ था।
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ओमानी को-पायलट ने प्लेन क्रैश की साजिश अकेले रची थी:रिपोर्ट में दावा, विमान को बिल्डिंग से टकराने वाला था, इंजन बंद करने का भी शक